Food blogging se Lakho kamaye | सच में कमाई होती है? मेरा अनुभव .

आज के समय में हर कोई ऑनलाइन पैसा कमाना चाहता है, और इसके लिए Blogging एक बेहतरीन जरिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि शुरुआत कहाँ से करें? Blogger.com से या WordPress से?

Food blogging  seLakho kamaye |  सच में कमाई होती है? मेरा अनुभव .
फ़ूड ब्लॉग्गिंग हिंदी में 

अगर आप भी फ्री ब्लॉगर (Blogspot) पर ब्लॉग बनाकर लाखों कमाने का सपना देख रहे हैं, तो रुकिए! यह लेख आपके लिए बहुत जरूरी है।Blogger vs WordPress क्या फ्री ब्लॉगर से सच में कमाई होती है? (मेरा अनुभव)

Food blogger kaise bane ? | फ़ूड ब्लॉगर कैसे बने 

Food Blogger बनना आज के समय में एक बेहतरीन करियर विकल्प है क्योंकि लोग खाने के शौकीन हैं और हमेशा नई रेसिपी या नई जगहों की तलाश में रहते हैं। Food Blogging शुरू करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:


  • 1. अपनी 'Niche' चुनें ( Food Category) .

Food blogging बहुत बड़ी है, इसलिए किसी एक खास चीज़ पर फोकस करें:

  • Recipe Blogger: घर पर खाना बनाना सिखाना (जैसे- वेज, नॉन-वेज, या बेकिंग)।
  • Food Reviewer: बाहर के रेस्टोरेंट्स या स्ट्रीट फूड का रिव्यू करना।
  • Diet/Health Food: वजन घटाने या जिम डाइट के बारे में बताना।
  • Regional Food: किसी खास जगह का खाना (जैसे- बिहारी, पंजाबी, या साउथ इंडियन)।

2. सही प्लेटफॉर्म का चुनाव करें .

  • Instagram/YouTube/TikTok: अगर आप वीडियो बनाने में अच्छे हैं, तो यहाँ से शुरू करें। 'Short-form' वीडियो (Reels/Shorts) आजकल बहुत जल्दी वायरल होते हैं।
  • Blogger/WordPress: अगर आपको रेसिपी विस्तार से लिखना पसंद है, तो खुद का एक ब्लॉग बनाएं। यह Google सर्च से ट्रैफिक लाने के लिए बेस्ट है।

3. क्वालिटी कंटेंट ही किंग है

खाने की दुनिया में "जो दिखता है, वही बिकता है।"

  • Photography: अच्छी रोशनी (Natural Light) में फोटो खींचें। खाना दिखने में फ्रेश और स्वादिष्ट होना चाहिए।
  • Videography: वीडियो स्टेबल हो और बैकग्राउंड में अच्छा संगीत या साफ आवाज हो।
  • Storytelling: सिर्फ रेसिपी न दें, उसके पीछे की कहानी या कोई खास टिप भी शेयर करें।

4. कंसिस्टेंसी (Regularity) रखें

शुरुआत में ट्रैफिक कम मिल सकता है, लेकिन हार न मानें।

  • हफ्ते में कम से कम 2-3 पोस्ट या वीडियो जरूर डालें।
  • त्यौहारों के हिसाब से कंटेंट प्लान करें (जैसे होली पर ठंडाई या दिवाली पर मिठाई)।

5. सोशल मीडिया और नेटवर्किंग

  • Pinterest: फूड ब्लॉगर्स के लिए यह सोने की खान है। अपनी फोटो यहाँ शेयर करें, वहाँ से बहुत ट्रैफिक आता है।
  • Collaboration: दूसरे फूड ब्लॉगर्स के साथ जुड़ें और कमेंट्स का जवाब दें।
  • Hashtags: सही हैशटैग्स का इस्तेमाल करें (जैसे #FoodPorn, #IndianRecipes, #StreetFood)।

6. कमाई कैसे होगी? (Monetization)

जब आपके पास ऑडियंस हो जाएगी, तो आप इन तरीकों से पैसे कमा सकते हैं:

  • Google AdSense: अपने ब्लॉग या यूट्यूब पर विज्ञापन दिखाकर।
  • Brand Promotions: मसाले, किचन के सामान (Mixer, Air Fryer) या रेस्टोरेंट्स का प्रमोशन करके।
  • Affiliate Marketing: अमेज़न या फ्लिपकार्ट के किचन टूल्स का लिंक देकर।
  • E-books: अपनी खुद की रेसिपी बुक बेचकर।

1. क्या फ्री ब्लॉगर से पैसा कमाना मुमकिन है? | (Can i earn with free blogger) ?

सच कहूं तो इस दुनिया में कुछ भी "फ्री" नहीं मिलता। अगर आप ब्लॉगिंग को एक बिजनेस की तरह देखते हैं, तो फ्री प्लेटफॉर्म के भरोसे रहना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

  • ट्रैफिक की समस्या: बिना ट्रैफिक के कमाई नहीं होती। ब्लॉगर पर अपनी साइट को गूगल के पहले पेज पर रैंक कराना काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
  • AdSense की कमाई: गूगल एड्सेंस मिल भी जाए, तो भी कम ट्रैफिक पर अर्निंग न के बराबर होती है।
  • SEO टूल्स की कमी: ब्लॉगर में आपको SEO के लिए एडवांस प्लगइन्स (Plugins) नहीं मिलते, जो आपकी पोस्ट को गूगल में रैंक कराने में मदद कर सकें।
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Blogger par Traffc kaise laye ?

ब्लॉगर पर ट्रैफिक बढ़ाने के लिए आपको कंटेंट और SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) दोनों पर ध्यान देना होगा। यहां कुछ ऐसे असरदार तरीके दिए गए हैं जो आपकी वेबसाइट की रैंकिंग और ट्रैफिक सुधारने में मदद करेंगे:

1. कीवर्ड रिसर्च करें

  • बिना रिसर्च के लिखना अंधेरे में तीर चलाने जैसा है। ऐसे टॉपिक चुनें जिन्हें लोग सर्च कर रहे हों।
  • कम कॉम्पिटिशन वाले कीवर्ड: शुरुआत में ऐसे कीवर्ड चुनें जिन पर बड़े ब्लॉग ने नहीं लिखा है।
  • लॉन्ग-टेल कीवर्ड: जैसे "ब्लॉगर पर ट्रैफिक कैसे लाएं" के बजाए "ब्लॉगर पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक लेन के 10 आसान तरीके" का इस्तेमाल करें।
  • टूल्स: आप Google Keyword Planner, Ubersuggest या Google Search के नीचे दिए गए "Related Searches" का इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. क्वालिटी और हेल्पफुल कंटेंट लिखें

  • सर्च इंजन उन पोस्ट्स को ऊपर दिखाता है जो यूज़र की प्रॉब्लम सॉल्व करती हैं।
  • डिटेल में लिखें: कोशिश करें कि आपकी पोस्ट कम से कम 800-1200 शब्दों की हो।
  • वैल्यू दें: सिर्फ कॉपी-पेस्ट न करें, अपना अनुभव और सही जानकारी शेयर करें।
  • इमेज: पोस्ट में अच्छी क्वालिटी की इमेज लगाएं और उनमें Alt Text ज़रूर डालें।

3. ऑन-पेज SEO पर ध्यान दें

  • पोस्ट लिखते समय ये चीज़ें ज़रूर चेक करें:
  • परमालिंक (URL): URL छोटा और कीवर्ड-रिच रखें (कस्टम परमालिंक का ऑप्शन इस्तेमाल करें)।
  • सर्च डिस्क्रिप्शन: ब्लॉगर की सेटिंग्स में जाकर 'मेटा टैग्स' इनेबल करें और हर पोस्ट के लिए एक अच्छा डिस्क्रिप्शन लिखें।
  • हेडिंग्स: पोस्ट में H1, H2 और H3 टैग्स का सही इस्तेमाल करें ताकि गूगल समझ जाए कि पोस्ट किस बारे में है।

4. साइट की स्पीड और डिज़ाइन

  • अगर आपकी साइट लोड होने में बहुत समय लेती है, तो लोग उसे छोड़ कर चले जाएंगे।
  • रिस्पॉन्सिव थीम: ऐसी थीम इस्तेमाल करें जो मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों पर फास्ट चले।
  • क्लीन डिज़ाइन: ज़्यादा विजेट और फालतू की स्क्रिप्ट न लगाएं जो साइट को स्लो करती हों।

5. बैकलिंक्स बनाएं

  • दूसरी बड़ी और भरोसेमंद वेबसाइट से अपनी साइट को लिंक करवाना 'बैकलिंक' कहलाता है।
  • गेस्ट पोस्टिंग: दूसरे ब्लॉगर के लिए पोस्ट लिखें और अपनी साइट का लिंक दें।
  • सोशल मीडिया: फेसबुक ग्रुप्स, Quora और Pinterest पर अपनी पोस्ट शेयर करें। Quora पर सवालों के जवाब देकर आप काफी ट्रैफिक ला सकते हैं।

6. रेगुलरिटी (नियमित रहें)

Google उन ब्लॉग्स को पसंद करता है जो नियमित रूप से अपडेट होते हैं। हफ़्ते में कम से कम 2-3 क्वालिटी पोस्ट ज़रूर डालें।

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2. वर्डप्रेस (WordPress) क्यों बेहतर है?

अगर आप ब्लॉगिंग से अच्छी इनकम करना चाहते हैं, आपके पैसा डोमन और होस्टिंग के लिए पैसा है  तो वर्डपेस एक अच्छा Domain Name और Hosting खरीदकर वर्डप्रेस पर अपनी वेबसाइट शुरू करना सबसे सही फैसला है।

  • SEO प्लगइन्स: वर्डप्रेस पर आपको Yoast SEO या RankMath जैसे टूल्स मिलते हैं, जो पोस्ट को ऑप्टिमाइज करना आसान बना देते हैं।
  • कस्टमाइजेशन: आप अपनी वेबसाइट को अपनी पसंद के अनुसार डिज़ाइन कर सकते हैं, जिससे यूजर एक्सपीरियंस (User Experience) बेहतर होता है।
  • तेजी से रैंकिंग: वर्डप्रेस साइट्स गूगल में जल्दी इंडेक्स और रैंक होती हैं।

3. ब्लॉगर (Blogger.com) किसके लिए सही है?

इसका मतलब यह नहीं है कि ब्लॉगर खराब है। यह प्लेटफॉर्म उन लोगों के लिए सबसे बेस्ट है जो:

  • ब्लॉगिंग की दुनिया में नए हैं और सीखना चाहते हैं।
  • स्टूडेंट्स हैं जिनके पास निवेश करने के लिए पैसे नहीं हैं।
  • सिर्फ अपने शौक (Hobbies) के लिए लिखना चाहते हैं।
  • हां अगर आप अच्छी पोस्ट लिखकर अपने Blog Website पर Traffic ला सकते है तो Blogger से बढ़िया कुछ नहीं है।  अब फैसला आपका है पके लिए कौन अच्छा है।  
प्रो टिप: अगर आप ब्लॉगर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हमेशा एक Premium Theme का उपयोग करें। इससे आपकी साइट का लुक प्रोफेशनल होगा और स्पीड भी अच्छी रहेगी।

4. मेरा व्यक्तिगत अनुभव: कस्टम डोमेन (Custom Domain) की गलती

  • मैंने खुद एक साल तक ब्लॉगर पर मेहनत की। मुझे एड्सेंस अप्रूवल भी मिल गया था और रोज की २ से १० डॉलर  की कमाई भी हो रही है । लेकिन रैंकिंग बढ़ाने के चक्कर में मैंने Custom Domain जोड़ा और मेरा एड्सेंस अकाउंट सस्पेंड हो गया। अब महीनों से मेरा स्टेटस "Getting Ready" दिखा रहा था ,लेकिन अब मेरा  अकाउंट एक्टिवटे हो गया है और मई अब कमाने लगा हु। 

सीख: यदि आपके फ्री ब्लॉग पर एड्सेंस चल रहा है, तो बिना पूरी जानकारी के डोमेन सेटिंग के साथ छेड़छाड़ न करें।

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5. ब्लॉग शुरू करने से पहले क्या सीखें ?

ब्लॉग बनाना आसान है, लेकिन उसे चलाना एक कला है। सफल होने के लिए ये चीजें जरूर सीखें जो हमने निचे बिस्तर से बताने का प्रयास किया है।  

  1. Professional Post Writing -- आर्टिकल कैसे लिखें जो लोगों को पसंद आए।
  2. SEO (Search Engine Optimization) --  कीवर्ड रिसर्च और ऑन-पेज SEO।
  3. Technical Setup - डोमेन और होस्टिंग को कैसे कॉन्फ़िगर करें।

१ How to write professional article (सुन्दर आर्टिकल कैसे लिखे ) ?

एक बेहतरीन आर्टिकल लिखना एक कला है, जिसमें आपको पाठक (Reader) के दिमाग को समझना होता है। अगर आप चाहते हैं कि लोग आपके आर्टिकल को न सिर्फ पढ़ें बल्कि उसे पसंद भी करें, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:


1. धमाकेदार हेडलाइन (Headline) चुनें

आपका टाइटल ही तय करता है कि कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करेगा या नहीं।

  • जिज्ञासा पैदा करें: जैसे "वजन घटाने के 5 आसान तरीके" से बेहतर है "बिना जिम जाए वजन घटाने के 5 जादुई तरीके"।
  • नंबर्स का इस्तेमाल: लोग "7 टिप्स" या "10 तरीके" वाली लिस्ट पढ़ना पसंद करते हैं क्योंकि ये समझने में आसान होती हैं।

2. शुरुआत (Introduction) में हुक (Hook) लगाएं

आर्टिकल की पहली 2-3 लाइनें ऐसी होनी चाहिए कि पाठक आगे पढ़ने के लिए मजबूर हो जाए।

  • किसी सवाल से शुरुआत करें।
  • कोई चौंकाने वाला आंकड़ा (Data) दें।
  • पाठक की किसी समस्या को सीधे शब्दों में कहें ताकि उन्हें लगे कि यह उनके लिए ही है।

3. भाषा को सरल और बातचीत जैसा रखें (Conversational Tone)

भारी-भरकम शब्दों के बजाय ऐसी भाषा का इस्तेमाल करें जैसे आप किसी दोस्त से बात कर रहे हों।

  • छोटे वाक्य (Short Sentences) लिखें।
  • "मैं" और "आप" का इस्तेमाल करें ताकि पाठक को जुड़ाव महसूस हो।

4. आर्टिकल को स्कैन करने लायक (Scannable) बनाएं

आजकल लोग पूरा आर्टिकल नहीं पढ़ते, वे उसे 'स्कैन' करते हैं। इसलिए:

  • Sub-headings (H2, H3): मुख्य पॉइंट्स को हेडलाइन में बांटें।
  • Bullet Points: जानकारी को पॉइंट्स में लिखें (जैसे यह लिस्ट)।
  • Bold Text: महत्वपूर्ण शब्दों को बोल्ड कर दें।

5. वैल्यू (Value) और समाधान (Solution) दें

लोग आपका आर्टिकल तब पसंद करते हैं जब उन्हें उससे कुछ मिलता है।

  • सिर्फ जानकारी न दें, उसे कैसे करना है (How-to) यह भी बताएं।
  • अपने निजी अनुभव या उदाहरण (Examples) शेयर करें।

6. इमेजेज और ग्राफिक्स का उपयोग

एक लंबा टेक्स्ट बोरिंग हो सकता है। बीच-बीच में विषय से संबंधित फोटो, इन्फोग्राफिक्स या स्क्रीनशॉट लगाएं। इससे आर्टिकल की खूबसूरती और समझने की क्षमता बढ़ जाती है।

7. निष्कर्ष और 'कॉल टू एक्शन' (CTA)

आर्टिकल के अंत में एक छोटा सा सारांश (Conclusion) लिखें और पाठकों से कुछ करने को कहें:

  • "आपको यह जानकारी कैसी लगी? कमेंट में बताएं।"
  • "इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।"
  • "अगला आर्टिकल आप किस विषय पर पढ़ना चाहते हैं?"


एक अच्छे आर्टिकल का ढांचा (Structure):

  • Title: ध्यान खींचने वाला।
  • Intro: समस्या और समाधान का वादा।
  • Body: सब-हेडिंग्स और बुलेट्स के साथ पूरी जानकारी।
  • Conclusion: आखिरी विचार।
  • CTA: पाठकों के लिए अगला कदम।

कीवर्ड रिसर्च और ऑन-पेज SEO किसी भी ब्लॉग की सफलता की नींव (Foundation) होते हैं। अगर कीवर्ड रिसर्च सही है, तो आप सही ऑडियंस तक पहुँचेंगे, और अगर ऑन-पेज SEO सही है, तो Google आपकी पोस्ट को रैंक करेगा।

यहाँ इन दोनों को आसान शब्दों में समझाया गया है:


1. कीवर्ड रिसर्च (Keyword Research) कैसे करें?

कीवर्ड रिसर्च का मतलब है उन शब्दों या वाक्यों को खोजना जिन्हें लोग Google पर सर्च कर रहे हैं।

  • Seed Keywords से शुरू करें: अपने टॉपिक से जुड़ा एक मुख्य शब्द चुनें (जैसे: "Online Money" या "Recipe")।
  • Long-Tail Keywords पर फोकस करें: छोटे कीवर्ड (जैसे "SEO") पर रैंक करना मुश्किल होता है। इसके बजाय लंबे कीवर्ड चुनें, जैसे "Blogger के लिए फ्री SEO टिप्स"। इनमें कॉम्पिटिशन कम होता है।
  • यूजर की मंशा (User Intent) समझें: लोग क्यों सर्च कर रहे हैं? क्या वे कुछ खरीदना चाहते हैं, या सिर्फ जानकारी चाहते हैं? अपनी पोस्ट उसी हिसाब से लिखें।

फ्री टूल्स का इस्तेमाल:

  • Google Auto-complete: Google सर्च बार में अपना कीवर्ड लिखें, नीचे आने वाले सुझाव सबसे अच्छे कीवर्ड्स होते हैं।
  • Answer The Public: यहाँ आपको पता चलेगा कि लोग क्या सवाल पूछ रहे हैं।
  • Google Trends: इससे पता चलता है कि कौन सा टॉपिक अभी ट्रेंड में है।


2. ऑन-पेज SEO (On-Page SEO) कैसे करे ?

ऑन-पेज SEO का मतलब है अपनी ब्लॉग पोस्ट के अंदर सुधार करना ताकि वह सर्च इंजन को समझ आ सके।

क. टाइटल और हेडिंग्स (Title & Headings)

  • Focus Keyword: अपने मुख्य कीवर्ड को टाइटल की शुरुआत में रखें।
  • H1 से H4 Tags: पूरी पोस्ट में सिर्फ एक H1 (टाइटल) होना चाहिए। बाकी सब-हेडिंग्स के लिए H2 और H3 का इस्तेमाल करें।

ख. यूआरएल (URL) स्ट्रक्चर

  • URL को छोटा और साफ रखें।
  • URL में अपना कीवर्ड जरूर डालें।
  • सही: domain.com/keyword-research-tips
  • गलत: domain.com/post-ID-12345

ग. मेटा डिस्क्रिप्शन (Meta Description)

  • यह वह छोटा सा पैराग्राफ है जो Google सर्च रिजल्ट में टाइटल के नीचे दिखता है। इसमें अपना कीवर्ड शामिल करें और इसे ऐसा लिखें कि लोग क्लिक करने पर मजबूर हो जाएं।

घ. इमेज ऑप्टिमाइजेशन (Image Alt Text)

Google इमेज को पढ़ नहीं सकता, वह उसके पीछे के टेक्स्ट को पढ़ता है। इसलिए हर फोटो में Alt Text जरूर लिखें और उसमें अपना कीवर्ड डालें।

ङ. इंटरनल और एक्सटर्नल लिंकिंग (Linking)

  • Internal Links: अपनी ही पुरानी और संबंधित पोस्ट का लिंक नई पोस्ट में दें।
  • External Links: किसी बड़ी और भरोसेमंद वेबसाइट (जैसे Wikipedia) का लिंक दें अगर वह जानकारी से जुड़ा हो।

च. कीवर्ड डेंसिटी (Keyword Density)

  • कीवर्ड को जबरदस्ती हर जगह न भरें (इसे Keyword Stuffing कहते हैं)। इसे नेचुरल तरीके से इस्तेमाल करें। आमतौर पर 1000 शब्दों की पोस्ट में 5-10 बार कीवर्ड आना काफी है।

How to add domen to blloger hosting |  डोमेन को ब्लॉगर होस्टिंग से से कैसे जोड़े ?

डोमेन और होस्टिंग को कॉन्फ़िगर करना यानी अपनी वेबसाइट के "नाम" (Domain) को उसके "घर" (Hosting) से जोड़ना है। अगर आपने दोनों अलग-अलग कंपनियों से खरीदे हैं, तो यह प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण है।

इसे कॉन्फ़िगर करने के मुख्य तरीके नीचे दिए गए हैं:


1. नेमसर्वर (Nameservers) को अपडेट करना (सबसे आसान तरीका)

जब आप होस्टिंग खरीदते हैं, तो कंपनी आपको Nameservers (जैसे: ns1.hostingprovider.com) ईमेल करती है। आपको इन्हें अपने डोमेन प्रोवाइडर की सेटिंग में अपडेट करना होता है।

  • स्टेप 1: अपने डोमेन प्रोवाइडर (जैसे GoDaddy, Namecheap) के अकाउंट में लॉग इन करें।
  • स्टेप 2: 'DNS Management' या 'Manage Domain' सेक्शन में जाएं।
  • स्टेप 3: 'Nameservers' विकल्प खोजें और 'Custom Nameservers' चुनें।
  • स्टेप 4: अपनी होस्टिंग कंपनी द्वारा दिए गए नेमसर्वर्स वहां डालकर सेव कर दें।

2. IP एड्रेस के जरिए जोड़ना (A Record)

अगर आप नेमसर्वर नहीं बदलना चाहते, तो आप A Record का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी होस्टिंग का IP Address पता होना चाहिए।

  • स्टेप 1: डोमेन की DNS सेटिंग्स में जाएं।
  • स्टेप 2: 'A Record' खोजें।
  • स्टेप 3: 'Host' में @ लिखें और 'Points to/Value' में अपनी होस्टिंग का IP Address डालें।
  • स्टेप 4: इसे सेव करें।

3. ब्लॉगर (Blogger) के लिए कॉन्फ़िगरेशन (CNAME Records)

अगर आप Blogger (Blogspot) का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है क्योंकि गूगल की अपनी होस्टिंग होती है।

  • स्टेप 1: Blogger Settings में जाकर 'Custom Domain' पर अपना डोमेन लिखें।
  • स्टेप 2: वहाँ आपको दो CNAME Records (Name और Destination) मिलेंगे।
  • स्टेप 3: इन दोनों Records को अपने डोमेन प्रोवाइडर की DNS सेटिंग्स में जोड़ें।
  • स्टेप 4: साथ ही, गूगल के चार A Records (IPs) भी जोड़ें ताकि आपकी साइट बिना www के भी खुले।


महत्वपूर्ण बातें:

  • Propagation Time: डोमेन और होस्टिंग को पूरी तरह जुड़ने में 2 से 48 घंटे का समय लग सकता है। इसे 'DNS Propagation' कहते हैं।
  • SSL Certificate: जुड़ने के बाद अपनी होस्टिंग पैनल (cPanel) से 'HTTPS' या 'SSL' को जरूर इनेबल करें ताकि आपकी साइट सुरक्षित (Secure) दिखे।

निष्कर्ष

  • ब्लॉगिंग से आप हजारों नहीं, बल्कि लाखों रुपये कमा सकते हैं, लेकिन इसके लिए सही प्लेटफॉर्म और सही जानकारी का होना जरूरी है।  

1 टिप्पणियाँ

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