एक्सेल फंक्शन्स (Excel Fornula in details with example in hindi )
1. ROW और COLUMN फंक्शन
एक्सेल में ROW और COLUMN फंक्शन्स का उपयोग किसी सेल की स्थिति (एड्रेस) जानने के लिए किया जाता है। यहाँ इनके उदाहरण और उपयोग के तरीके दिए गए हैं:
1. ROW फंक्शन :- यह फंक्शन आपको बताता है कि कोई सेल किस पंक्ति (Row) में स्थित है।Syntex : =ROW([reference])- उदाहरण:
अगर आप सेल C5 में जाकर =ROW() लिखते हैं, तो परिणाम 5 आएगा।अगर आप किसी दूसरे सेल का संदर्भ देते हैं, जैसे =ROW(A10), तो परिणाम 10 आएगा।उपयोग: इसका इस्तेमाल अक्सर ऑटोमैटिक सीरियल नंबर (1, 2, 3...) डालने के लिए किया जाता है ताकि रो डिलीट होने पर भी नंबर न बिगड़ें।
2. COLUMN फंक्शन :-- यह फंक्शन आपको बताता है कि कोई सेल किस कॉलम (स्तंभ) में स्थित है। एक्सेल कॉलम को नंबर में बदल देता है (जैसे A=1, B=2, C=3)।Syntax: =COLUMN([reference])- उदाहरण:
अगर आप कॉलम D के किसी भी सेल में =COLUMN() लिखते हैं, तो परिणाम 4 आएगा (क्योंकि D चौथा कॉलम है)।अगर आप =COLUMN(C1) लिखते हैं, तो परिणाम 3 आएगा।- उदाहरण टेबल (Example Table)
मान लीजिए आप सेल B3 में काम कर रहे हैं:
फॉर्मूला सेल जिसमें टाइप किया परिणाम स्पष्टीकरण=ROW() B3 3 क्योंकि यह तीसरी पंक्ति है।=COLUMN() B3 2 क्योंकि B दूसरा कॉलम है।=ROW(A10) कहीं भी 10 यह सीधे 10वीं रो को रेफर कर रहा है।=COLUMN(E5) कहीं भी 5 E पांचवां कॉलम है (A=1, B=2, C=3, D=4, E=5)।2. गणना वाले फंक्शन्स (SUM, AVERAGE, etc.)3.SUM :--Excel में SUM फ़ंक्शन सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला और बुनियादी फ़ंक्शन है। इसका मुख्य काम चुनी गई सेल्स (Cells) में मौजूद संख्याओं को जोड़ना (Total) है।2. ➕ SUM फंक्शन का उपयोग (How to use sum action )
एक्सेल में जोड़ने के कई तरीके हैं। यहाँ कुछ मुख्य उदाहरण दिए गए हैं:1. सेल रेंज को जोड़ना (Adding a Ambit with sum)अगर आपके पास सेल्स की एक पूरी लिस्ट है (जैसे A1 से A5 तक), तो आप इस फॉर्मूले का उपयोग करेंगे:=SUM(A1:A5)- उदाहरण:
मान लीजिए आपके पास नीचे दिया गया डेटा है:-- A1: 10
- A2: 20
- A3: 30
फॉर्मूला: =SUM(A1:A3)answer : 602. अलग-अलग सेल्स को जोड़ना (Adding Non-adjacent Cells)
अगर आप उन सेल्स को जोड़ना चाहते हैं जो एक साथ नहीं हैं, तो उन्हें कॉमा (,) से अलग करें।=SUM(A1, B2, C3)उदाहरण:
- A1: 100
- B2: 50
फॉर्मूला: =SUM(A1, B2)Answer : 1503. संख्याओं और सेल्स को मिलाकर जोड़ना आप सीधे नंबर भी फॉर्मूले में लिख सकते हैं।=SUM(A1, 500)यह सेल A1 की वैल्यू में 500 जोड़ देगा।4. ऑटो-सम (AutoSum) शॉर्टकट
अगर आप बहुत जल्दी जोड़ना चाहते हैं, तो एक्सेल में एक जादुई शॉर्टकट बटन है:
उन सेल्स के नीचे क्लिक करें जिन्हें आप जोड़ना चाहते हैं।अपने कीबोर्ड पर Alt = दबाएं।एक्सेल अपने आप रेंज चुन लेगा, बस Enter दबाएं।- उदाहरण टेबल (Visual Example)
सेल्स (Cells) वैल्यू (Value) इस्तेमाल किया गया फॉर्मूला परिणाम (Result)- A1 50
- A2 150
- A3 200
Total =SUM(A1:A3) 4004. Use of AVERAGE function
:-- Excel में AVERAGE फ़ंक्शन का उपयोग संख्याओं के एक समूह का औसत निकालने के लिए किया जाता है। यह सभी चुनी गई संख्याओं को जोड़ता है और फिर उन्हें उनकी कुल संख्या से भाग (divide) कर देता है।यहाँ इसका आसान तरीका और उदाहरण दिया गया है:- AVERAGE फ़ंक्शन का सिंटैक्स (Syntax)
=AVERAGE(number1, [number2], ...)number1: वह पहली संख्या या सेल रेंज जिसका आप औसत निकालना चाहते हैं।number2: (Optional) अन्य संख्याएँ या रेंज।- उदाहरण (Example)
मान लीजिए आपके पास कुछ छात्रों के अंक (Marks) हैं और आप उनका औसत निकालना चाहते हैं:
Cell विषय (Subject) अंक (Marks)- A2 गणित (Maths) 85
- A3 विज्ञान (Science) 90
- A4 अंग्रेजी (English) 70
- A5 हिंदी (Hindi) 75
औसत निकालने के चरण:
- उस सेल पर क्लिक करें जहाँ आप परिणाम देखना चाहते हैं (जैसे सेल B6)।
- वहाँ यह फॉर्मूला टाइप करें:
- =AVERAGE(B2:B5) -Enter दबाएं।
- परिणाम (Result):
5. use of product function
-Excel इन अंकों को जोड़ेगा ($8,90,70,75 = 320$) और उसे 4 से भाग दे देगा। आपका उत्तर 80 आएगा।PRODUCT: दी गई सभी संख्याओं को आपस में गुणा (Multiply) करता है।- उदाहरण: =PRODUCT(A2, B2)
- उदाहरण:
- उदाहरण:
- उदाहरण टेबल (Example Table)
- उदाहरण:
- A1: 10
- A2: 20
- A3: 30
- A1: 100
- B2: 50
- उदाहरण टेबल (Visual Example)
- A1 50
- A2 150
- A3 200
- AVERAGE फ़ंक्शन का सिंटैक्स (Syntax)
- उदाहरण (Example)
- A2 गणित (Maths) 85
- A3 विज्ञान (Science) 90
- A4 अंग्रेजी (English) 70
- A5 हिंदी (Hindi) 75
- उस सेल पर क्लिक करें जहाँ आप परिणाम देखना चाहते हैं (जैसे सेल B6)।
- वहाँ यह फॉर्मूला टाइप करें:
- =AVERAGE(B2:B5) -Enter दबाएं।
- परिणाम (Result):
5. use of product function
- उदाहरण: =PRODUCT(A2, B2)
6. use of Round function
ROUND: किसी दशमलव संख्या को राउंड ऑफ (निकटतम पूर्णांक) करता है।- उदाहरण: =ROUND(15.678, 2) (उत्तर: 15.68)
- उदाहरण: =ROUND(15.678, 2) (उत्तर: 15.68)
7.use of ABS function
ABS: किसी संख्या की पूर्ण वैल्यू (Absolute Value) बताता है (माइनस हटा देता है)।- उदाहरण: =ABS(-50) (उत्तर: 50)
8. How to use SUMIFS Formula ?
-जब आपको एक से अधिक शर्तों (criteria) के आधार पर जोड़ना हो। जैसे: उस दिन की कुल बारिश जब तापमान 40° से ऊपर और हवा 10 मील/घंटा से कम थी।
SUMIFS फ़ंक्शन का सिंटैक्स(Syntax) =SUMIFS(sum_range, criteria_range1, criteria1, [criteria_range2, criteria2], ...)- sum_range: वह रेंज जिसे आप जोड़ना चाहते हैं (नंबर वाली सेल)।
- criteria_range1: वह पहली रेंज जहाँ आपको शर्त ढूंढनी है।
- criteria1: पहली शर्त (जैसे "Rahul" या ">100")।
- criteria_range2, criteria2...: (Optional) दूसरी, तीसरी या उससे ज्यादा शर्तें।
उदाहरण (Example)
मान लीजिए आपके पास एक सेल्स रिपोर्ट है और आप यह जानना चाहते हैं कि "Rahul" ने "North" रीजन में कुल कितनी बिक्री की:- नाम (A) क्षेत्र (B) बिक्री (C)
- Rahul North 500
- Amit South 300
- Rahul West 400
- Rahul North 200
- Amit North 150
फॉर्मूला कैसे लगायें: How to use SUMIFS Formila Hindi
अगर आप सेल E2 में उत्तर चाहते हैं, तो यह टाइप करें:- SYNTAX =SUMIFS(C2:C6, A2:A6, "Rahul", B2:B6, "North")
2. Sumifs यह कैसे काम करता है?
- C2:C6: Excel इस रेंज के नंबर्स को जोड़ेगा।
- A2:A6, "Rahul": पहले वह देखेगा कि नाम वाले कॉलम में "Rahul" कहाँ-कहाँ है।
- B2:B6, "North": फिर वह केवल उन्हीं सेल्स को चुनेगा जहाँ रीजन "North" है।
परिणाम (Result): -Excel केवल पहली लाइन (500) और चौथी लाइन (200) को जोड़ेगा। आपका उत्तर आएगा: 700
कुछ जरूरी बातें:- क्रम (Order): ध्यान रहे, SUMIFS में जोड़ने वाली रेंज (sum_range) हमेशा सबसे पहले आती है, जबकि साधारण SUMIF में यह आखिर में आती थी।
- Text vs Numbers: अगर आप टेक्स्ट (जैसे "Rahul") या कोई ऑपरेटर (जैसे ">100") इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे हमेशा Inverted Commas (" ") में लिखें।
- समान आकार: आपकी सभी रेंज (Criteria Ambit और Sum Range) का साइज बराबर होना चाहिए (जैसे A2:A6 और C2:C6), वरना एरर आ जाएगा।
6. AVERAGEIFS/AVERAGEIF
: - Excel में AVERAGEIF फ़ंक्शन का उपयोग तब किया जाता है जब आप किसी एक विशेष शर्त (Single Condition) के आधार पर संख्याओं का औसत (Average) निकालना चाहते हैं।यह AVERAGE और IF का एक बेहतरीन मेल है।
AVERAGEIF फ़ंक्शन का सिंटैक्स =AVERAGEIF(range, criteria, [average_range])
- range: वह सेल्स की रेंज जिसमें आप शर्त (condition) को चेक करना चाहते हैं।
- criteria: वह शर्त जो तय करेगी कि किन सेल्स का औसत निकालना है (जैसे ">50", "Apple", आदि)।
- average_range: (Optional) वह असल सेल्स जिनका औसत निकालना है। अगर आप इसे छोड़ देते हैं, तो Excel 'range' वाली सेल्स का ही औसत निकालता है।
उदाहरण (Example)
मान लीजिए आपके पास कुछ फल और उनकी बिक्री (Sales) का डेटा है, और आप केवल "Apple" की औसत बिक्री जानना चाहते हैं:- Item (A) Sales (B)
- Apple 100
- Banana 200
- Apple 150
- Orange 300
- Apple 50
औसत निकालने के चरण: | How to account boilerplate उस सेल में जाएँ जहाँ आपको रिजल्ट चाहिए।यह फॉर्मूला टाइप करें: =AVERAGEIF(A2:A6, "Apple", B2:B6) -Enter दबाएं।2.AVERAGEIF कैसे काम करता है? | How to work
- Excel पहले कॉलम A में "Apple" को ढूँढेगा।
- उसे "Apple" तीन जगह मिलेगा जिनकी बिक्री 100, 150, और 50 है।
- वह इनका जोड़ ($100 150 50 = 300$) करेगा और फिर 3 से भाग दे देगा।
- परिणाम (Result): आपका उत्तर 100 आएगा।
Different Amid boilerplate and avarageifs - AVERAGEIF और AVERAGEIFS के बीच का अंतर समझना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अक्सर लोग इनके सिंटैक्स (लिखने के तरीके) में गलती कर देते हैं। यहाँ इनके बीच का मुख्य अंतर और उदाहरण दिया गया है .
- उदाहरण: =ABS(-50) (उत्तर: 50)
- sum_range: वह रेंज जिसे आप जोड़ना चाहते हैं (नंबर वाली सेल)।
- criteria_range1: वह पहली रेंज जहाँ आपको शर्त ढूंढनी है।
- criteria1: पहली शर्त (जैसे "Rahul" या ">100")।
- criteria_range2, criteria2...: (Optional) दूसरी, तीसरी या उससे ज्यादा शर्तें।
- नाम (A) क्षेत्र (B) बिक्री (C)
- Rahul North 500
- Amit South 300
- Rahul West 400
- Rahul North 200
- Amit North 150
- SYNTAX =SUMIFS(C2:C6, A2:A6, "Rahul", B2:B6, "North")
- C2:C6: Excel इस रेंज के नंबर्स को जोड़ेगा।
- A2:A6, "Rahul": पहले वह देखेगा कि नाम वाले कॉलम में "Rahul" कहाँ-कहाँ है।
- B2:B6, "North": फिर वह केवल उन्हीं सेल्स को चुनेगा जहाँ रीजन "North" है।
- क्रम (Order): ध्यान रहे, SUMIFS में जोड़ने वाली रेंज (sum_range) हमेशा सबसे पहले आती है, जबकि साधारण SUMIF में यह आखिर में आती थी।
- Text vs Numbers: अगर आप टेक्स्ट (जैसे "Rahul") या कोई ऑपरेटर (जैसे ">100") इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे हमेशा Inverted Commas (" ") में लिखें।
- समान आकार: आपकी सभी रेंज (Criteria Ambit और Sum Range) का साइज बराबर होना चाहिए (जैसे A2:A6 और C2:C6), वरना एरर आ जाएगा।
- range: वह सेल्स की रेंज जिसमें आप शर्त (condition) को चेक करना चाहते हैं।
- criteria: वह शर्त जो तय करेगी कि किन सेल्स का औसत निकालना है (जैसे ">50", "Apple", आदि)।
- average_range: (Optional) वह असल सेल्स जिनका औसत निकालना है। अगर आप इसे छोड़ देते हैं, तो Excel 'range' वाली सेल्स का ही औसत निकालता है।
- Item (A) Sales (B)
- Apple 100
- Banana 200
- Apple 150
- Orange 300
- Apple 50
- Excel पहले कॉलम A में "Apple" को ढूँढेगा।
- उसे "Apple" तीन जगह मिलेगा जिनकी बिक्री 100, 150, और 50 है।
- वह इनका जोड़ ($100 150 50 = 300$) करेगा और फिर 3 से भाग दे देगा।
- परिणाम (Result): आपका उत्तर 100 आएगा।
- AVERAGEIF और AVERAGEIFS के बीच का अंतर समझना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अक्सर लोग इनके सिंटैक्स (लिखने के तरीके) में गलती कर देते हैं। यहाँ इनके बीच का मुख्य अंतर और उदाहरण दिया गया है .
AVERAGEIF बनाम AVERAGEIFS: मुख्य अंतर
विशेषता (Feature) AVERAGEIF AVERAGEIFS शर्तें (Conditions) केवल एक शर्त (Criteria) के लिए। एक या एक से अधिक शर्तों के लिए। औसत रेंज (Average Range) यह फॉर्मूला के आखिर में आती है। यह फॉर्मूला के शुरुआत में आती है। उपयोग सरल फिल्टरिंग के लिए बेहतर है। जटिल और गहराई से डेटा एनालिसिस के लिए। सिंटैक्स (Syntax) =AVERAGEIF(range, criteria, [average_range])=AVERAGEIFS(average_range, criteria_range1, criteria1, ...)
| विशेषता (Feature) | AVERAGEIF | AVERAGEIFS |
| शर्तें (Conditions) | केवल एक शर्त (Criteria) के लिए। | एक या एक से अधिक शर्तों के लिए। |
| औसत रेंज (Average Range) | यह फॉर्मूला के आखिर में आती है। | यह फॉर्मूला के शुरुआत में आती है। |
| उपयोग | सरल फिल्टरिंग के लिए बेहतर है। | जटिल और गहराई से डेटा एनालिसिस के लिए। |
| सिंटैक्स (Syntax) | =AVERAGEIF(range, criteria, [average_range]) | =AVERAGEIFS(average_range, criteria_range1, criteria1, ...) |
उदाहरण के साथ समझें
मान लीजिए हमारे पास एक स्टोर का यह डेटा है:
Item (A) Brand (B) Region (C) Sales (D) Mobile Apple East 50,000 Mobile Samsung East 40,000 Mobile Apple West 60,000 Laptop Apple East 80,000
मान लीजिए हमारे पास एक स्टोर का यह डेटा है:
| Item (A) | Brand (B) | Region (C) | Sales (D) |
| Mobile | Apple | East | 50,000 |
| Mobile | Samsung | East | 40,000 |
| Mobile | Apple | West | 60,000 |
| Laptop | Apple | East | 80,000 |
1. AVERAGEIF (सिर्फ एक शर्त)
सवाल: "Apple" ब्रांड की औसत बिक्री (Average Sales) क्या है?
- लॉजिक: यहाँ हमें सिर्फ एक शर्त देखनी है—ब्रांड "Apple" होना चाहिए।
- फॉर्मूला:
=AVERAGEIF(B2:B5, "Apple", D2:D5) - गणना (Calculation): (50,000 + 60,000 + 80,000) / 3
रिजल्ट: 63,333.332. AVERAGEIFS - एक से ज्यादा Condition Apply करना
सवाल: "East" रीजन में "Apple" ब्रांड की औसत बिक्री क्या है?
यहाँ दो शर्तें हैं: (1) ब्रांड = Apple, (2) रीजन = East।
फॉर्मूला: =AVERAGEIFS(D2:D5, B2:B5, "Apple", C2:C5, "East")ध्यान दें: यहाँ Sales वाला कॉलम (D2:D5) सबसे पहले लिखा गया है।कैसे काम किया: इसने देखा कि Apple और East दोनों कहाँ मैच हो रहे हैं (पहली और चौथी लाइन)। फिर उनकी सेल्स (50,000 और 80,000) का औसत निकाला।परिणाम: 65,000
जरूरी टिप्स (Pro Tips):- Wildcards: आप* का उपयोग कर सकते हैं। जैसे =AVERAGEIF(A2:A6, "A*", B2:B6) उन सभी चीजों का औसत निकालेगा जो "A" से शुरू होती हैं।
- Logical Operators: अगर आप 100 से ज्यादा वाली बिक्री का औसत चाहते हैं, तो शर्त में ">100" लिखें।
- Zero Error: अगर आपकी शर्त से मेल खाने वाला कोई डेटा नहीं मिलता, तो Excel #DIV/0! एरर दिखाएगा (क्योंकि गणित में 0 से भाग देना संभव नहीं है)।
7. Use Countif Formula in excel
:- Excel में COUNTIF फ़ंक्शन का उपयोग तब किया जाता है जब आप यह गिनना (Count) चाहते हैं कि किसी दी गई रेंज में कोई विशेष चीज़ कितनी बार आई है।सरल शब्दों में: "अगर यह शर्त पूरी हो, तो उसे गिन लो।8.COUNTIF Syntax =COUNTIF(range, criteria)
- range: वह सेल्स का समूह जिसे आप गिनना चाहते हैं।
- criteria: वह शर्त जिसे आप ढूंढ रहे हैं (जैसे कोई नंबर, शब्द, या संकेत)।
- उदाहरण (COUNTIF Example)
1. मान लीजिए आपके पास छात्रों की हाज़िरी (Attendance) का डेटा है और आप जानना चाहते हैं कि कौन कितने दिन प्रेजेंट (P) रहा:
सवाल: "Apple" ब्रांड की औसत बिक्री (Average Sales) क्या है?
- लॉजिक: यहाँ हमें सिर्फ एक शर्त देखनी है—ब्रांड "Apple" होना चाहिए।
- फॉर्मूला:
=AVERAGEIF(B2:B5, "Apple", D2:D5) - गणना (Calculation): (50,000 + 60,000 + 80,000) / 3
- Wildcards: आप* का उपयोग कर सकते हैं। जैसे =AVERAGEIF(A2:A6, "A*", B2:B6) उन सभी चीजों का औसत निकालेगा जो "A" से शुरू होती हैं।
- Logical Operators: अगर आप 100 से ज्यादा वाली बिक्री का औसत चाहते हैं, तो शर्त में ">100" लिखें।
- Zero Error: अगर आपकी शर्त से मेल खाने वाला कोई डेटा नहीं मिलता, तो Excel #DIV/0! एरर दिखाएगा (क्योंकि गणित में 0 से भाग देना संभव नहीं है)।
7. Use Countif Formula in excel
- range: वह सेल्स का समूह जिसे आप गिनना चाहते हैं।
- criteria: वह शर्त जिसे आप ढूंढ रहे हैं (जैसे कोई नंबर, शब्द, या संकेत)।
- उदाहरण (COUNTIF Example)
हाज़िरी डेटा टेबल (Attendance Data)
सेल (Cell) नाम (A) हाज़िरी (B) 2 Rahul P 3 Amit A 4 Rahul P 5 Amit P 6 Rahul A
2.गिनने के चरण (Steps to Count)
यदि आप पूरी लिस्ट में कुल Present (P) की संख्या जानना चाहते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:
स्टेप विवरण (Description) कार्य (Action) 1 सेल चुनें किसी भी खाली सेल (जैसे C2) पर क्लिक करें। 2 फॉर्मूला लिखें यह फॉर्मूला टाइप करें: =COUNTIF(B2:B6, "P") 3 एन्टर दबाएं कीबोर्ड पर Enter बटन दबाएं। 4 परिणाम (Result) सेल में 3 दिखाई देगा।
Excel कॉलम B में देखेगा कि "P" कितनी बार लिखा है। यहाँ उत्तर 3 आएगा।
=COUNTIF(B2:B6, "P")विशेष टिप (Pro Tip):
अगर आप सिर्फ Rahul की 'P' (Present) गिनना चाहते हैं, तो आपको COUNTIFS का उपयोग करना होगा:
- फॉर्मूला:
=COUNTIFS(A2:A6, "Rahul", B2:B6, "P") - परिणाम: 2 (क्योंकि राहुल 3 में से 2 बार Present है)।
नंबर के साथ उपयोग: अगर आप जानना चाहते हैं कि कितने छात्रों के नंबर 33 से ज़्यादा हैं, तो आप =COUNTIF(C2:C10, ">33") का उपयोग कर सकते हैं।
- Wildcards का जादू: अगर आपको सिर्फ उन नामों को गिनना है जो "S" से शुरू होते हैं, तो आप =COUNTIF(A2:A10, "S*") लिख सकते हैं।
- केस सेंसिटिव नहीं: यह फ़ंक्शन बड़े अक्षरों (A) और छोटे अक्षरों (a) में फर्क नहीं करता।
- COUNTBLANK: एक रेंज में खाली सेल्स को गिनने के लिए।
8. Use of countbalnk
- Excel में COUNTBLANK फ़ंक्शन का उपयोग बहुत ही सरल है। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह केवल उन सेल्स (cells) को गिनता है जो पूरी तरह से खाली (Empty) हैं।
अगर आप एक लंबी लिस्ट में यह देखना चाहते हैं कि कितने डेटा पॉइंट्स छूट गए हैं या कितनी जगह जानकारी नहीं भरी गई है, तो यह फ़ंक्शन बेस्ट है।
COUNTBLANK Action Syntax - = COUNTBLANK(range)- range: वह सेल्स का समूह (जैसे A1:A10) जिसमें आप खाली सेल्स ढूंढना चाहते हैं।
उदाहरण (Example)मान लीजिए आपके पास कुछ लोगों के फोन नंबर की लिस्ट है और आप देखना चाहते हैं कि किसके नंबर गायब हैं:
अगर आप सिर्फ Rahul की 'P' (Present) गिनना चाहते हैं, तो आपको COUNTIFS का उपयोग करना होगा:
- फॉर्मूला:
=COUNTIFS(A2:A6, "Rahul", B2:B6, "P") - परिणाम: 2 (क्योंकि राहुल 3 में से 2 बार Present है)।
- Wildcards का जादू: अगर आपको सिर्फ उन नामों को गिनना है जो "S" से शुरू होते हैं, तो आप =COUNTIF(A2:A10, "S*") लिख सकते हैं।
- केस सेंसिटिव नहीं: यह फ़ंक्शन बड़े अक्षरों (A) और छोटे अक्षरों (a) में फर्क नहीं करता।
- COUNTBLANK: एक रेंज में खाली सेल्स को गिनने के लिए।
8. Use of countbalnk
- Excel में COUNTBLANK फ़ंक्शन का उपयोग बहुत ही सरल है। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह केवल उन सेल्स (cells) को गिनता है जो पूरी तरह से खाली (Empty) हैं।
- range: वह सेल्स का समूह (जैसे A1:A10) जिसमें आप खाली सेल्स ढूंढना चाहते हैं।
डेटा टेबल (Data Table)
सेल (Cell) नाम (A) फोन नंबर (B) 2 Amit 9876543210 3 Rahul (खाली) 4 Priya 9123456789 5 Sonia (खाली)
| सेल (Cell) | नाम (A) | फोन नंबर (B) |
| 2 | Amit | 9876543210 |
| 3 | Rahul | (खाली) |
| 4 | Priya | 9123456789 |
| 5 | Sonia | (खाली) |
खाली सेल्स (Empty Cells) गिनने के चरण
स्टेप विवरण (Description) कार्य (Action) 1 सेल का चुनाव एक्सेल शीट में किसी भी खाली सेल पर क्लिक करें। 2 फॉर्मूला इनपुट यह फॉर्मूला टाइप करें: =COUNTBLANK(B2:B5) 3 कन्फर्म करें कीबोर्ड पर Enter बटन दबाएं। 4 परिणाम (Result) आपको परिणाम 2 प्राप्त होगा।
| स्टेप | विवरण (Description) | कार्य (Action) |
| 1 | सेल का चुनाव | एक्सेल शीट में किसी भी खाली सेल पर क्लिक करें। |
| 2 | फॉर्मूला इनपुट | यह फॉर्मूला टाइप करें: =COUNTBLANK(B2:B5) |
| 3 | कन्फर्म करें | कीबोर्ड पर Enter बटन दबाएं। |
| 4 | परिणाम (Result) | आपको परिणाम 2 प्राप्त होगा। |
यह फॉर्मूला क्या करता है?
COUNTBLANK: यह फॉर्मूला केवल उन सेल्स को गिनता है जिनमें कोई डेटा (नंबर या टेक्स्ट) नहीं लिखा होता।
परिणाम (Result): 2
चूँकि राहुल और सोनिया के फोन नंबर वाले सेल खाली हैं, इसलिए Excel आपको उत्तर 2 देगा।
जरूरी बातें (Important Notes):- Space (स्पेस) का चक्कर: अगर आपने किसी सेल में कुछ लिखा नहीं है, लेकिन गलती से Space बटन दबा दिया है, तो Excel उसे "खाली" नहीं मानेगा और उसे नहीं गिनेगा।
- Zero (0): अगर सेल में 0 लिखा है, तो वह खाली नहीं माना जाएगा।
- अदृश्य फॉर्मूला: अगर किसी सेल में कोई ऐसा फॉर्मूला लगा है जिसका परिणाम खाली दिख रहा है (जैसे ""), तो COUNTBLANK उसे खाली ही गिनेगा।
1. एक नज़र में तुलना: (comprison)- COUNT: केवल नंबर वाले सेल्स गिनता है।
- COUNTA: उन सभी सेल्स को गिनता है जिनमें कुछ न कुछ लिखा है (नंबर या टेक्स्ट)।
- COUNTBLANK: केवल वही गिनता है जो एकदम खाली हैं।
9. लुकअप और संदर्भ (Lookup & Reference) :-
: - Excel में Lookup & Advertence फ़ंक्शन्स सबसे शक्तिशाली टूल्स में से हैं। इनका काम डेटा की एक बड़ी लिस्ट में से किसी खास जानकारी को ढूंढना (Lookup) और उसे निकाल कर लाना है।यहाँ सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले 3 मुख्य फ़ंक्शन्स के बारे में बताया गया है:1. VLOOKUP (Vertical Lookup)
यह Excel का सबसे प्रसिद्ध फ़ंक्शन है। यह डेटा को ऊपर से नीचे (Column-wise) ढूंढता है।- Work (काम): किसी आईडी या नाम के आधार पर उसके सामने वाली जानकारी ढूंढना।
फॉर्मूला: =VLOOKUP(lookup_value, table_array, col_index_num, [range_lookup])उदाहरण:
अगर आपके पास एम्प्लॉई आईडी (ID) है और आप उसका नाम जानना चाहते हैं:
=VLOOKUP("E102", A2:C10, 2, 0)
(यह रेंज A2:C10 में "E102" को ढूंढेगा और दूसरे कॉलम से नाम निकाल लाएगा।)10. HLOOKUP (Horizontal Lookup)
यह VLOOKUP जैसा ही है, लेकिन यह डेटा को दाएँ से बाएँ (Row-wise) ढूंढता है।काम: जब आपका हेडर (जैसे Months, Years) साइड में न होकर ऊपर की रो (Row) में हो।फॉर्मूला: =HLOOKUP(lookup_value, table_array, row_index_num, [range_lookup])11. INDEX & MATCH (The Power Couple)
आजकल एक्सपर्ट्स VLOOKUP की जगह INDEX MATCH का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह ज़्यादा फ्लेक्सिबल है।- MATCH: यह बताता है कि कोई चीज़ किस नंबर की पोजीशन पर है।
- INDEX: यह उस पोजीशन पर मौजूद वैल्यू को उठाकर ले आता है।
- फायदा: VLOOKUP केवल दाईं तरफ (Right side) का डेटा देख सकता है, लेकिन INDEX & MATCH बाईं (Left) और दाईं (Right) दोनों तरफ का डेटा ढूंढ सकते हैं।
[Image assuming the aggregate of INDEX and MATCH functions in Excel compared to VLOOKUP]12. XLOOKUP (The Modern King)
अगर आप Excel का नया वर्जन (Office 365) इस्तेमाल कर रहे हैं, तो XLOOKUP ने VLOOKUP और HLOOKUP दोनों की जगह ले ली है।क्यों खास है? इसमें कॉलम गिनने की ज़रूरत नहीं होती और यह गलती होने पर "Not Found" जैसा मैसेज भी खुद दिखा सकता है।
सिंटैक्स: =XLOOKUP(lookup_value, lookup_array, return_array)- Read additionally this in hindi :-
- Blogger abdsence aprovval in hindi
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COUNTBLANK: यह फॉर्मूला केवल उन सेल्स को गिनता है जिनमें कोई डेटा (नंबर या टेक्स्ट) नहीं लिखा होता।
- Space (स्पेस) का चक्कर: अगर आपने किसी सेल में कुछ लिखा नहीं है, लेकिन गलती से Space बटन दबा दिया है, तो Excel उसे "खाली" नहीं मानेगा और उसे नहीं गिनेगा।
- Zero (0): अगर सेल में 0 लिखा है, तो वह खाली नहीं माना जाएगा।
- अदृश्य फॉर्मूला: अगर किसी सेल में कोई ऐसा फॉर्मूला लगा है जिसका परिणाम खाली दिख रहा है (जैसे ""), तो COUNTBLANK उसे खाली ही गिनेगा।
- COUNT: केवल नंबर वाले सेल्स गिनता है।
- COUNTA: उन सभी सेल्स को गिनता है जिनमें कुछ न कुछ लिखा है (नंबर या टेक्स्ट)।
- COUNTBLANK: केवल वही गिनता है जो एकदम खाली हैं।
- Work (काम): किसी आईडी या नाम के आधार पर उसके सामने वाली जानकारी ढूंढना।
- MATCH: यह बताता है कि कोई चीज़ किस नंबर की पोजीशन पर है।
- INDEX: यह उस पोजीशन पर मौजूद वैल्यू को उठाकर ले आता है।
- फायदा: VLOOKUP केवल दाईं तरफ (Right side) का डेटा देख सकता है, लेकिन INDEX & MATCH बाईं (Left) और दाईं (Right) दोनों तरफ का डेटा ढूंढ सकते हैं।
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एक नज़र में तुलना (Quick Table)
फ़ंक्शन (Function) कब इस्तेमाल करें? (When to use?) लिमिटेशन (Limitation) VLOOKUP जब आपका डेटा वर्टिकल (Columns) में व्यवस्थित हो। यह डेटा को केवल लुकअप वैल्यू के दाईं (Right) तरफ से ढूंढ सकता है। HLOOKUP जब आपका डेटा हॉरिजॉन्टल (Rows) में व्यवस्थित हो। यह डेटा को केवल लुकअप वैल्यू के नीचे (Down) की तरफ से ढूंढ सकता है। XLOOKUP यह सबसे आधुनिक है और हर तरह के लुकअप के लिए बेस्ट है। यह एक्सेल के पुराने वर्जन्स (जैसे 2016, 2013) में काम नहीं करता।
| फ़ंक्शन (Function) | कब इस्तेमाल करें? (When to use?) | लिमिटेशन (Limitation) |
| VLOOKUP | जब आपका डेटा वर्टिकल (Columns) में व्यवस्थित हो। | यह डेटा को केवल लुकअप वैल्यू के दाईं (Right) तरफ से ढूंढ सकता है। |
| HLOOKUP | जब आपका डेटा हॉरिजॉन्टल (Rows) में व्यवस्थित हो। | यह डेटा को केवल लुकअप वैल्यू के नीचे (Down) की तरफ से ढूंढ सकता है। |
| XLOOKUP | यह सबसे आधुनिक है और हर तरह के लुकअप के लिए बेस्ट है। | यह एक्सेल के पुराने वर्जन्स (जैसे 2016, 2013) में काम नहीं करता। |
प्रमुख अंतर को समझें:
- VLOOKUP (Vertical): यह ऊपर से नीचे की ओर वैल्यू ढूंढता है (जैसे किसी लिस्ट में नाम के सामने वाली सैलरी ढूंढना)।
- HLOOKUP (Horizontal): यह बाएं से दाएं वैल्यू ढूंढता है (जब हेडिंग्स कॉलम के बजाय रोज़ में हों)।
- XLOOKUP (Advanced): यह VLOOKUP और HLOOKUP दोनों की कमियों को दूर करता है। इसमें आपको 'Column Index' याद रखने की ज़रूरत नहीं होती और यह बाईं (Left) तरफ का डेटा भी आसानी से निकाल सकता
13.Use of INDEX (Array/Reference):
- यह किसी रेंज या टेबल में दी गई पंक्ति और कॉलम के मिलन बिंदु (intersection) वाली वैल्यू देता है। जैसे A2:C6 रेंज में दूसरी रो और तीसरी कॉलम की वैल्यू।
- Excel में INDEX फ़ंक्शन एक बहुत ही स्मार्ट "मैप रीडिंग" टूल की तरह है। इसका काम किसी डेटा की रेंज (Table) में से किसी विशेष रो (Row) और कॉलम (Column) नंबर पर मौजूद वैल्यू को निकाल कर लाना है।इसे ऐसे समझें: आप एक्सेल को बताते हैं कि "इस टेबल में तीसरी रो और दूसरे कॉलम में जो लिखा है, वो मुझे बताओ।
:-INDEX (Syntax) =INDEX(array, row_num, [column_num])- array: वह पूरा टेबल या रेंज जहाँ से डेटा ढूँढना है।
- row_num: रो (Row) का नंबर।
- column_num: कॉलम (Column) का नंबर (यदि डेटा केवल एक कॉलम का है, तो यह वैकल्पिक है)।
उदाहरण (Example)मान लीजिए हमारे पास फलों और उनके रेट की एक लिस्ट है:
- VLOOKUP (Vertical): यह ऊपर से नीचे की ओर वैल्यू ढूंढता है (जैसे किसी लिस्ट में नाम के सामने वाली सैलरी ढूंढना)।
- HLOOKUP (Horizontal): यह बाएं से दाएं वैल्यू ढूंढता है (जब हेडिंग्स कॉलम के बजाय रोज़ में हों)।
- XLOOKUP (Advanced): यह VLOOKUP और HLOOKUP दोनों की कमियों को दूर करता है। इसमें आपको 'Column Index' याद रखने की ज़रूरत नहीं होती और यह बाईं (Left) तरफ का डेटा भी आसानी से निकाल सकता
- यह किसी रेंज या टेबल में दी गई पंक्ति और कॉलम के मिलन बिंदु (intersection) वाली वैल्यू देता है। जैसे A2:C6 रेंज में दूसरी रो और तीसरी कॉलम की वैल्यू।
- array: वह पूरा टेबल या रेंज जहाँ से डेटा ढूँढना है।
- row_num: रो (Row) का नंबर।
- column_num: कॉलम (Column) का नंबर (यदि डेटा केवल एक कॉलम का है, तो यह वैकल्पिक है)।
डेटा टेबल (Data Table)
Row # Item (Col 1) Price (Col 2) 1 Apple 100 2 Banana 40 3 Cherry 150 4 Mango 80
| Row # | Item (Col 1) | Price (Col 2) |
| 1 | Apple | 100 |
| 2 | Banana | 40 |
| 3 | Cherry | 150 |
| 4 | Mango | 80 |
डेटा निकालने के तरीके (Methods to Extract Data)
1. सिर्फ एक कॉलम में ढूंढना (Single Column Lookup)
जब आपको किसी आइटम का नाम पता हो और आप उसके ठीक सामने वाले कॉलम से उसकी कीमत (Price) निकालना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका VLOOKUP है।
उदाहरण: "Cherry" की कीमत क्या है?
- फॉर्मूला:
=VLOOKUP("Cherry", B2:C5, 2, 0) - लॉजिक:
"Cherry": जिसे ढूंढना है।B2:C5: वह एरिया जहाँ डेटा मौजूद है।2: क्योंकि कीमत दूसरे (Price) कॉलम में है।0: सटीक मैच (Exact Match) के लिए।
परिणाम (Result): -सेल में 150 दिखाई देगा।
अगर आप जानना चाहते हैं कि तीसरे नंबर पर कौन सा फल है:=INDEX(A1:A4, 3)
परिणाम: Cherry
2. पूरी टेबल में ढूंढना (Row और Column के साथ):
अगर आप जानना चाहते हैं कि चौथी रो और दूसरे कॉलम में क्या रेट लिखा है:=INDEX(A1:B4, 4, 2) - परिणाम: 80 (क्योंकि चौथी रो 'Mango' की है और दूसरा कॉलम 'Price' का)।INDEX इतना महत्वपूर्ण क्यों है?ज़्यादातर लोग इसे MATCH फ़ंक्शन के साथ इस्तेमाल करते हैं।VLOOKUP की कमी: यह केवल दाईं (Right) तरफ का डेटा ढूँढ सकता है।INDEX का फायदा: यह टेबल में कहीं भी (बाएँ, दाएँ, ऊपर, नीचे) देख सकता है। इसे बस रो और कॉलम नंबर चाहिए।
INDEX MATCH का जादू (Brief Example)अगर आप "Banana" का रेट ढूँढना चाहते हैं, लेकिन आपको नहीं पता कि Banana किस रो नंबर पर है:- =INDEX(B1:B4, MATCH("Banana", A1:A4, 0))
- MATCH ढूँढेगा कि "Banana" रो नंबर 2 पर है।
- INDEX कॉलम B की 2nd रो से 40 उठा लाएगा।
- [Image assuming how INDEX and MATCH assignment calm as a adjustable lookup apparatus compared to VLOOKUP]
14.MATCH: यह किसी वैल्यू की रेंज में स्थिति (position) बताता है।
:- Excel में MATCH फ़ंक्शन का उपयोग किसी वैल्यू को ढूंढने के लिए नहीं, बल्कि उसकी पोजीशन (Position/Index Number) का पता लगाने के लिए किया जाता है।यह आपको यह बताता है कि आप जो चीज़ ढूंढ रहे हैं, वह उस लिस्ट में कितने नंबर पर है।
MATCH फ़ंक्शन (Syntax) =MATCH(lookup_value, lookup_array, [match_type])- lookup_value: वह चीज़ जिसे आप ढूंढना चाहते हैं (जैसे "Rahul" या 105)।
- lookup_array: वह रेंज या लिस्ट जहाँ आपको ढूंढना है।
- match_type: यहाँ अक्सर 0 का उपयोग किया जाता है (0 का मतलब है 'Exact Match' यानी बिल्कुल वही चीज़ मिले)।
उदाहरण (Example)मान लीजिए आपके पास कुछ शहरों की एक लिस्ट है:
जब आपको किसी आइटम का नाम पता हो और आप उसके ठीक सामने वाले कॉलम से उसकी कीमत (Price) निकालना चाहते हैं, तो सबसे आसान तरीका VLOOKUP है।
उदाहरण: "Cherry" की कीमत क्या है?
- फॉर्मूला:
=VLOOKUP("Cherry", B2:C5, 2, 0) - लॉजिक:
"Cherry": जिसे ढूंढना है।B2:C5: वह एरिया जहाँ डेटा मौजूद है।2: क्योंकि कीमत दूसरे (Price) कॉलम में है।0: सटीक मैच (Exact Match) के लिए।
परिणाम (Result): -सेल में 150 दिखाई देगा।
- =INDEX(B1:B4, MATCH("Banana", A1:A4, 0))
- MATCH ढूँढेगा कि "Banana" रो नंबर 2 पर है।
- INDEX कॉलम B की 2nd रो से 40 उठा लाएगा।
- [Image assuming how INDEX and MATCH assignment calm as a adjustable lookup apparatus compared to VLOOKUP]
- lookup_value: वह चीज़ जिसे आप ढूंढना चाहते हैं (जैसे "Rahul" या 105)।
- lookup_array: वह रेंज या लिस्ट जहाँ आपको ढूंढना है।
- match_type: यहाँ अक्सर 0 का उपयोग किया जाता है (0 का मतलब है 'Exact Match' यानी बिल्कुल वही चीज़ मिले)।
सिटी डेटा टेबल (City Data Table)
पोजीशन (Position) सिटी (City - Col A) 1 Delhi 2 Mumbai 3 Kolkata 4 Chennai
| पोजीशन (Position) | सिटी (City - Col A) |
| 1 | Delhi |
| 2 | Mumbai |
| 3 | Kolkata |
| 4 | Chennai |
पोजीशन ढूंढने के चरण (Steps to find Position)
Excel में किसी आइटम की लोकेशन या नंबर जानने के लिए MATCH फ़ंक्शन का उपयोग किया जाता है।
स्टेप विवरण (Description) कार्य (Action) 1 सेल चुनें जहाँ आप उत्तर चाहते हैं, उस खाली सेल पर क्लिक करें। 2 फॉर्मूला लिखें यह फॉर्मूला टाइप करें: =MATCH("Kolkata", A2:A5, 0) 3 एन्टर दबाएं कीबोर्ड पर Enter बटन दबाएं। 4 परिणाम (Result) सेल में 3 दिखाई देगा।
Excel में किसी आइटम की लोकेशन या नंबर जानने के लिए MATCH फ़ंक्शन का उपयोग किया जाता है।
| स्टेप | विवरण (Description) | कार्य (Action) |
| 1 | सेल चुनें | जहाँ आप उत्तर चाहते हैं, उस खाली सेल पर क्लिक करें। |
| 2 | फॉर्मूला लिखें | यह फॉर्मूला टाइप करें: =MATCH("Kolkata", A2:A5, 0) |
| 3 | एन्टर दबाएं | कीबोर्ड पर Enter बटन दबाएं। |
| 4 | परिणाम (Result) | सेल में 3 दिखाई देगा। |
यह फॉर्मूला कैसे काम करता है?
- "Kolkata": वह नाम जिसे आप ढूंढना चाहते हैं।
- A2:A5: वह लिस्ट या रेंज जहाँ शहरों के नाम लिखे हैं।
0: इसका मतलब है "Exact Match", यानी यह बिल्कुल सही नाम को ही ढूंढेगा।खाली सेल में यह फॉर्मूला टाइप करें:=MATCH("Kolkata", A1:A4, 0) - Enter दबाएं।परिणाम (Result):Excel आपको उत्तर देगा 3, क्योंकि "Kolkata" लिस्ट में तीसरे नंबर पर है।
MATCH और INDEX की जोड़ी (The Dynamic Duo)अकेले MATCH सिर्फ एक नंबर देता है, लेकिन जब इसे INDEX के साथ मिलाया जाता है, तो यह Excel का सबसे पावरफुल लुकअप टूल बन जाता है।
MATCH: ढूंढता है कि "कौन से नंबर पर है?"INDEX: उस नंबर वाली वैल्यू को "उठाकर लाता है।"ध्यान देने वाली बात:0 (Exact Match): हमेशा 0 का उपयोग करें यदि आप बिल्कुल सटीक उत्तर चाहते हैं।Case Sensitivity: यह फ़ंक्शन बड़े (A) और छोटे (a) अक्षरों में फर्क नहीं करता।Error: अगर वह वैल्यू लिस्ट में नहीं है, तो Excel #N/A एरर दिखाएगा।OFFSET: यह एक शुरुआती सेल से दी गई दूरी (rows/columns) पर स्थित सेल की वैल्यू या रेंज देता है।VLOOKUP/LOOKUP: डेटा की लिस्ट में से जानकारी खोजने के लिए।4. एडवांस्ड और एरे फंक्शन्स (Advanced & Array)TRANSPOSE: यह डेटा को हॉरिजॉन्टल (पंक्ति) से वर्टिकल (कॉलम) या इसके विपरीत बदल देता है।
Excel में TRANSPOSE फ़ंक्शन का उपयोग डेटा के ओरिएंटेशन (Orientation) को बदलने के लिए किया जाता है। सरल शब्दों में, यह आपके Vertical (खड़ी) लिस्ट को Horizontal (आड़ी) बना देता है, और Horizontal डेटा को Vertical में बदल देता है।
इसे आप Rows को Columns में और Columns को Rows में बदलने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
TRANSPOSE इस्तेमाल करने के दो मुख्य तरीके:1. Paste Special का उपयोग (सबसे आसान तरीका)अगर आप फॉर्मूला नहीं लगाना चाहते, तो यह तरीका सबसे अच्छा है:
अपने डेटा को Copy करें।जहाँ डेटा चाहिए वहाँ Right-Click करें।Paste Special पर जाएँ और Transpose (एक छोटा आइकन जिसमें दो तीर बने होते हैं) पर क्लिक करें।2. Use of TRANSPOSE Dynamic rulsअगर आप चाहते हैं कि ओरिजिनल डेटा बदलते ही ट्रांसपोज़ किया हुआ डेटा भी अपने आप बदल जाए, तो फॉर्मूला का उपयोग करें।
सिंटैक्स: =TRANSPOSE(array)
उदाहरण: मान लीजिए आपका डेटा सेल A1:B3 में है:
Item (A) Price (B)Apple 100Mango 80इसे Horizontal बनाने के चरण:
उन खाली सेल्स को सेलेक्ट करें जहाँ आप डेटा चाहते हैं (जैसे 2 Rows और 3 Columns वाली जगह)।फॉर्मूला बार में टाइप करें: =TRANSPOSE(A1:B3)महत्वपूर्ण: अगर आप पुराना Excel इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सिर्फ Enter न दबाएं, बल्कि Ctrl Shift Enter दबाएं। (Excel 365 में सिर्फ Enter काम करेगा)।परिणाम:
अब आपका डेटा ऐसा दिखेगा:
Row 1: Item, Apple, MangoRow 2: Price, 100, 80Benifits of TRANSPOSE Ambit hindiफायदा: जब आप ओरिजिनल टेबल में कोई बदलाव करेंगे, तो ट्रांसपोज़ किया हुआ डेटा अपने आप अपडेट हो जाएगा।सीमा: आप ट्रांसपोज़ की गई सेल्स के बीच में से किसी एक सेल को डिलीट नहीं कर सकते; आपको पूरी रेंज को ही बदलना होगा।FREQUENCY: यह डेटा की एक रेंज में वैल्यूज के वितरण (distribution) की गणना करता है।TREND & GROWTH: सांख्यिकीय डेटा (statistical data) के आधार पर भविष्य के रुझानों का अनुमान लगाने के लिए।एक्सेल एरर मैसेज (Excel Error Messages) और उनके समाधानजब फॉर्मूला सही से काम नहीं करता, तो एक्सेल ये एरर दिखाता है:
एरर (Error) इसका मतलब क्या है? समाधान##### सेल की चौड़ाई कम है या तारीख/समय नेगेटिव है। कॉलम की चौड़ाई बढ़ाएं।#VALUE! फॉर्मूले में गलत प्रकार के डेटा का उपयोग हुआ है (जैसे नंबर की जगह टेक्स्ट)। फॉर्मूले के डेटा टाइप की जाँच करें।#DIV/0! किसी संख्या को शून्य (0) से भाग देने की कोशिश की गई है। भाजक (divisor) को बदलें।#NAME? एक्सेल फॉर्मूले का नाम या सेल रेंज का नाम नहीं पहचान पा रहा। स्पेलिंग चेक करें।#N/A डेटा उपलब्ध नहीं है या एरे का आकार मैच नहीं हो रहा। चेक करें कि एरे फॉर्मूला सही रेंज को रेफर कर रहा है।#REF! फॉर्मूला ऐसे सेल को रेफर कर रहा है जो डिलीट या ओवरराइट हो चुका है। सेल रेफरेंस को अपडेट करें।#NUM! फॉर्मूले में संख्यात्मक (numeric) समस्या है या एक्सेल की गणना क्षमता से बाहर है। नंबर वैल्यूज को ठीक करें।#NULL! आपने फॉर्मूले में गलत रेंज ऑपरेटर का उपयोग किया है। स्पेस या कोलन (:) की जाँच करें।Read additionally this in hindi :-Excel abbreviate keys in hindi Jeevika samuh kya hai💡 महत्वपूर्ण टिप्स1. सेल रेफरेंस (Relative vs Absolute)Relative Reference: जब आप फॉर्मूला कॉपी करते हैं, तो सेल का पता बदल जाता है।
Excel में Relative Advertence सबसे बुनियादी और डिफ़ॉल्ट (Default) रेफरेंस है। इसका सीधा मतलब है कि जब आप किसी फ़ॉर्मूला को एक सेल से दूसरी सेल में Copy या Drag करते हैं, तो सेल का एड्रेस अपने आप बदल जाता है।
यह एक्सेल की "स्मार्टनेस" है जो समझ जाती है कि अगर आपने ऊपर वाली सेल में दो नंबर जोड़े हैं, तो नीचे वाली सेल में भी आप उसके सामने वाले दो नंबर ही जोड़ना चाहते हैं।
1.Relative Advertence कैसे काम करता है?मान लीजिए आपके पास कुछ सामान की मात्रा (Quantity) और उनकी कीमत (Price) है:
Item (A) Quantity (B) Price (C) Total (D)Apple 10 50 =B2*C2Mango 5 80 (Drag करने पर)Banana 12 20 (Drag करने पर)चरण (Steps):सेल D2 में आप फ़ॉर्मूला लिखते हैं: =B2*C2 (उत्तर आएगा: 500)।अब आप इस सेल के कोने (Fill Handle) को पकड़कर नीचे D3 और D4 तक खींचते (Drag करते) हैं।एक्सेल अपने आप फ़ॉर्मूला बदल देगा:D3 में फ़ॉर्मूला बन जाएगा: =B3*C3 (उत्तर: 400)D4 में फ़ॉर्मूला बन जाएगा: =B4*C4 (उत्तर: 240)यहाँ B2 और C2 रिलेटिव रेफरेंस हैं क्योंकि वे अपनी जगह बदल रहे हैं।
Relative Advertence की मुख्य विशेषताएँ:कोई $ का निशान नहीं: इसमें सेल एड्रेस के साथ कोई डॉलर का चिन्ह ($) नहीं होता (जैसे: A1, B2)।समय की बचत: आपको हर रो (Row) के लिए अलग से फ़ॉर्मूला टाइप करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।डायनामिक: अगर आप बीच में कोई नई रो जोड़ते हैं, तो फ़ॉर्मूला उसके अनुसार खुद को एडजस्ट कर लेता है।तुलना (Comparison amid Relative and Absolute advertence ):प्रकार (Type) उदाहरण ड्रैग करने पर क्या होता है?Relative A1 सेल एड्रेस बदल जाता है (A1, A2, A3...)।Absolute $A$1 सेल एड्रेस बिल्कुल नहीं बदलता, फिक्स रहता है।Absolute Advertence ($A$1): इसमें सेल का पता स्थिर रहता है, चाहे आप फॉर्मूला कहीं भी कॉपी करें।
2. सर्कुलर रेफरेंस (Circular Reference)जब कोई फॉर्मूला खुद अपने ही सेल को रेफर करता है, तो उसे 'सर्कुलर रेफरेंस' कहते हैं। इसे स्टेटस बार में जाकर लोकेट और ठीक किया जा सकता है।
Excel में Circular Advertence तब होता है जब एक फ़ॉर्मूला प्रत्यक्ष (Directly) या अप्रत्यक्ष (Indirectly) रूप से अपने आप को ही कैलकुलेट करने की कोशिश करता है।
इसे एक "अंतहीन चक्र" (Endless Loop) की तरह समझें। एक्सेल भ्रमित हो जाता है क्योंकि उसे उत्तर निकालने के लिए उसी उत्तर की ज़रूरत होती है जिसे वह अभी निकाल रहा है।
Circular Advertence कैसे बनता है? (उदाहरण)मान लीजिए आप सेल A3 में कुछ जोड़ना चाहते हैं:
Cell ValueA1 100A2 200A3 =A1 A2 A3यहाँ क्या गलत है?
सेल A3 में आपने फ़ॉर्मूला लिखा है =A1 A2 A3। एक्सेल A1 और A2 को तो जोड़ लेगा, लेकिन फिर वह A3 की वैल्यू ढूँढेगा। चूँकि A3 अभी खुद को ही कैलकुलेट कर रहा है, इसलिए वह कभी खत्म नहीं होगा।
Circular Advertence होने पर क्या होता है?Warning Message: जैसे ही आप ऐसा फ़ॉर्मूला लिखेंगे, एक्सेल एक चेतावनी (Warning) दिखाएगा कि आपके पास एक सर्कुलर रेफरेंस है।Zero (0) Result: ज़्यादातर मामलों में, एक्सेल कैलकुलेशन रोक देता है और सेल में 0 दिखाई देता है।Blue Line: एक्सेल अक्सर उन सेल्स के बीच एक नीली रेखा (Blue Arrow) दिखाता है जो इस चक्र में फँसे हुए हैं।Read additionally this in hindi :-Excel abbreviate keys in hindi Jeevika samuh kya haiइसे ठीक कैसे करें? (How to Fix Error )सर्कुलर रेफरेंस आमतौर पर एक गलती होती है। इसे ठीक करने के लिए:
फ़ॉर्मूला चेक करें: देखें कि क्या आपने गलती से वही सेल एड्रेस तो नहीं डाल दिया जिसमें आप फ़ॉर्मूला लिख रहे हैं।Error Checking Tool:Formulas टैब पर जाएँ।Error Checking के बगल वाले छोटे तीर पर क्लिक करें।Circular References पर जाएँ। एक्सेल आपको उन सेल्स की लिस्ट दिखा देगा जहाँ गलती है।क्या इसे जानबूझकर इस्तेमाल किया जा सकता है?हाँ, कुछ जटिल इंजीनियरिंग या वित्तीय गणनाओं (Financial Modeling) में इसकी ज़रूरत पड़ती है। इसे चलाने के लिए आपको एक्सेल की सेटिंग बदलनी पड़ती है:
File > Options > Formulas में जाएँ।"Enable accepted calculation" को टिक करें।इससे एक्सेल हार मानने के बजाय एक निश्चित बार (जैसे 100 बार) कोशिश करेगा और उत्तर के करीब पहुँचने का प्रयास करेगा।3. IFERROR फंक्शनयह फंक्शन आपके फॉर्मूले की गलतियों को छुपाने के काम आता है। अगर फॉर्मूले में एरर है, तो यह आपकी पसंद का कोई मैसेज या वैल्यू (जैसे 0) दिखा सकता है।
Excel में IFERROR फ़ंक्शन एक बहुत ही उपयोगी टूल है जिसका उपयोग फॉर्मूला में आने वाली गलतियों (Errors) को छुपाने या उनकी जगह कोई दूसरा संदेश (Message) दिखाने के लिए किया जाता है।
अक्सर जब हम VLOOKUP या Division (भाग) करते हैं, तो डेटा न मिलने पर एक्सेल #N/A, #DIV/0!, या #VALUE! जैसे भद्दे एरर दिखाता है। IFERROR इन एरर्स को साफ-सुथरा बना देता है।
IFERROR फ़ंक्शन का सिंटैक्स (Syntax)=IFERROR(value, value_if_error)
value: वह फॉर्मूला या सेल जिसे आप चेक करना चाहते हैं।value_if_error: वह मान या मैसेज जो आप तब दिखाना चाहते हैं जब फॉर्मूला में कोई गलती (Error) हो।उदाहरण 1: भाग (Division) करते समयमान लीजिए आप सेल A1 को B1 से भाग दे रहे हैं। अगर B1 में 0 है, तो एक्सेल #DIV/0! एरर दिखाएगा।
बिना IFERROR के: =A1/B1 → (परिणाम: #DIV/0!) IFERROR के साथ: =IFERROR(A1/B1, 0) → (परिणाम: 0)
या आप कोई मैसेज भी लिख सकते हैं: =IFERROR(A1/B1, "Check Input")
उदाहरण 2: VLOOKUP के साथ (सबसे ज़्यादा इस्तेमाल)जब आप किसी आईडी को ढूंढते हैं और वह लिस्ट में नहीं होती, तो VLOOKUP एरर देता है।
फॉर्मूला: =IFERROR(VLOOKUP("E105", A2:B10, 2, 0), "Data Not Found")
How to assignment Vlookupएक्सेल पहले VLOOKUP चलाएगा।अगर उसे डेटा मिल गया, तो वह सही उत्तर दिखाएगा।अगर उसे एरर मिला, तो वह "#N/A" दिखाने के बजाय "Data Not Found" लिख देगा।Benifits os IFERROR Formula .साफ रिपोर्ट: आपकी एक्सेल शीट में एरर वाले सेल्स गंदे नहीं दिखते।आगे की गणना: अगर किसी सेल में एरर है, तो आप उस कॉलम का टोटल (SUM) नहीं कर पाएंगे। IFERROR से उस एरर को 0 में बदलकर आप आसानी से कैलकुलेशन कर सकते हैं।प्रोफेशनल लुक: क्लाइंट या बॉस को रिपोर्ट भेजते समय यह बहुत काम आता है।12. XLOOKUP (The Modern King)
- "Kolkata": वह नाम जिसे आप ढूंढना चाहते हैं।
- A2:A5: वह लिस्ट या रेंज जहाँ शहरों के नाम लिखे हैं।
अगर आप Excel का नया वर्जन (Office 365) इस्तेमाल कर रहे हैं, तो XLOOKUP ने VLOOKUP और HLOOKUP दोनों की जगह ले ली है।
- क्यों खास है? इसमें कॉलम गिनने की ज़रूरत नहीं होती और यह गलती होने पर "Not Found" जैसा मैसेज भी खुद दिखा सकता है।
- सिंटैक्स:
=XLOOKUP(lookup_value, lookup_array, return_array)
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एक नज़र में तुलना (Quick Table):
| फ़ंक्शन | कब इस्तेमाल करें? | लिमिटेशन |
| VLOOKUP | जब डेटा वर्टिकल (Columns) में हो। | डेटा केवल दाईं तरफ से ढूंढ सकता है। |
| HLOOKUP | जब डेटा हॉरिजॉन्टल (Rows) में हो। | डेटा केवल नीचे की तरफ से ढूंढ सकता है। |
| XLOOKUP | हर तरह के लुकअप के लिए (Best)। | पुराने Excel वर्जन में काम नहीं करता। |
Excel में INDEX फ़ंक्शन एक बहुत ही स्मार्ट "मैप रीडिंग" टूल की तरह है। इसका काम किसी डेटा की रेंज (Table) में से किसी विशेष रो (Row) और कॉलम (Column) नंबर पर मौजूद वैल्यू को निकाल कर लाना है।
इसे ऐसे समझें: आप एक्सेल को बताते हैं कि "इस टेबल में तीसरी रो और दूसरे कॉलम में जो लिखा है, वो मुझे बताओ।"
INDEX फ़ंक्शन का सिंटैक्स (Syntax)
=INDEX(array, row_num, [column_num])
array: वह पूरा टेबल या रेंज जहाँ से डेटा ढूँढना है।
row_num: रो (Row) का नंबर।column_num: कॉलम (Column) का नंबर (यदि डेटा केवल एक कॉलम का है, तो यह वैकल्पिक है)।
उदाहरण (Example)
मान लीजिए हमारे पास फलों और उनके रेट की एक लिस्ट है:
| Row # | Item (Col 1) | Price (Col 2) |
| 1 | Apple | 100 |
| 2 | Banana | 40 |
| 3 | Cherry | 150 |
| 4 | Mango | 80 |
डेटा निकालने के तरीके:
1. सिर्फ एक कॉलम में ढूंढना:
अगर आप जानना चाहते हैं कि तीसरे नंबर पर कौन सा फल है:
=INDEX(A1:A4, 3)
परिणाम: Cherry
2. पूरी टेबल में ढूंढना (Row और Column के साथ):
अगर आप जानना चाहते हैं कि चौथी रो और दूसरे कॉलम में क्या रेट लिखा है:
=INDEX(A1:B4, 4, 2)
परिणाम: 80 (क्योंकि चौथी रो 'Mango' की है और दूसरा कॉलम 'Price' का)।
INDEX इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
ज़्यादातर लोग इसे MATCH फ़ंक्शन के साथ इस्तेमाल करते हैं।
- VLOOKUP की कमी: यह केवल दाईं (Right) तरफ का डेटा ढूँढ सकता है।
- INDEX का फायदा: यह टेबल में कहीं भी (बाएँ, दाएँ, ऊपर, नीचे) देख सकता है। इसे बस रो और कॉलम नंबर चाहिए।
INDEX + MATCH का जादू (Brief Example)
अगर आप "Banana" का रेट ढूँढना चाहते हैं, लेकिन आपको नहीं पता कि Banana किस रो नंबर पर है:
=INDEX(B1:B4, MATCH("Banana", A1:A4, 0))
- MATCH ढूँढेगा कि "Banana" रो नंबर 2 पर है।
- INDEX कॉलम B की 2nd रो से
40उठा लाएगा।
[Image showing how INDEX and MATCH work together as a flexible lookup tool compared to VLOOKUP]
14.MATCH: यह किसी वैल्यू की रेंज में स्थिति (position) बताता है।
:- Excel में MATCH फ़ंक्शन का उपयोग किसी वैल्यू को ढूंढने के लिए नहीं, बल्कि उसकी पोजीशन (Position/Index Number) का पता लगाने के लिए किया जाता है।
यह आपको यह बताता है कि आप जो चीज़ ढूंढ रहे हैं, वह उस लिस्ट में कितने नंबर पर है।
MATCH फ़ंक्शन का सिंटैक्स (Syntax)
=MATCH(lookup_value, lookup_array, [match_type])
- lookup_value: वह चीज़ जिसे आप ढूंढना चाहते हैं (जैसे "Rahul" या 105)।
- lookup_array: वह रेंज या लिस्ट जहाँ आपको ढूंढना है।
- match_type: यहाँ अक्सर 0 का उपयोग किया जाता है (0 का मतलब है 'Exact Match' यानी बिल्कुल वही चीज़ मिले)।
उदाहरण (Example)
मान लीजिए आपके पास कुछ शहरों की एक लिस्ट है:
| Position | City (A) |
| 1 | Delhi |
| 2 | Mumbai |
| 3 | Kolkata |
| 4 | Chennai |
पोजीशन ढूंढने के चरण:
अगर आप जानना चाहते हैं कि "Kolkata" इस लिस्ट में किस नंबर पर है:
खाली सेल में यह फॉर्मूला टाइप करें:
=MATCH("Kolkata", A1:A4, 0)
Enter दबाएं।
परिणाम (Result):
Excel आपको उत्तर देगा 3, क्योंकि "Kolkata" लिस्ट में तीसरे नंबर पर है।
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MATCH और INDEX की जोड़ी (The Dynamic Duo)
अकेले MATCH सिर्फ एक नंबर देता है, लेकिन जब इसे INDEX के साथ मिलाया जाता है, तो यह Excel का सबसे पावरफुल लुकअप टूल बन जाता है।
- MATCH: ढूंढता है कि "कौन से नंबर पर है?"
- INDEX: उस नंबर वाली वैल्यू को "उठाकर लाता है।"
ध्यान देने वाली बात:
- 0 (Exact Match): हमेशा 0 का उपयोग करें यदि आप बिल्कुल सटीक उत्तर चाहते हैं।
- Case Sensitivity: यह फ़ंक्शन बड़े (A) और छोटे (a) अक्षरों में फर्क नहीं करता।
- Error: अगर वह वैल्यू लिस्ट में नहीं है, तो Excel
#N/Aएरर दिखाएगा। - OFFSET: यह एक शुरुआती सेल से दी गई दूरी (rows/columns) पर स्थित सेल की वैल्यू या रेंज देता है।
- VLOOKUP/LOOKUP: डेटा की लिस्ट में से जानकारी खोजने के लिए।
4. एडवांस्ड और एरे फंक्शन्स (Advanced & Array)
TRANSPOSE: यह डेटा को हॉरिजॉन्टल (पंक्ति) से वर्टिकल (कॉलम) या इसके विपरीत बदल देता है।
Excel में TRANSPOSE फ़ंक्शन का उपयोग डेटा के ओरिएंटेशन (Orientation) को बदलने के लिए किया जाता है। सरल शब्दों में, यह आपके Vertical (खड़ी) लिस्ट को Horizontal (आड़ी) बना देता है, और Horizontal डेटा को Vertical में बदल देता है।
इसे आप Rows को Columns में और Columns को Rows में बदलने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
TRANSPOSE इस्तेमाल करने के दो मुख्य तरीके:
1. Paste Special का उपयोग (सबसे आसान तरीका)
अगर आप फॉर्मूला नहीं लगाना चाहते, तो यह तरीका सबसे अच्छा है:
- अपने डेटा को Copy करें।
- जहाँ डेटा चाहिए वहाँ Right-Click करें।
- Paste Special पर जाएँ और Transpose (एक छोटा आइकन जिसमें दो तीर बने होते हैं) पर क्लिक करें।
2. Use of TRANSPOSE Dynamic ruls
अगर आप चाहते हैं कि ओरिजिनल डेटा बदलते ही ट्रांसपोज़ किया हुआ डेटा भी अपने आप बदल जाए, तो फॉर्मूला का उपयोग करें।
सिंटैक्स: =TRANSPOSE(array)
उदाहरण: मान लीजिए आपका डेटा सेल A1:B3 में है:
| Item (A) | Price (B) |
| Apple | 100 |
| Mango | 80 |
इसे Horizontal बनाने के चरण:
- उन खाली सेल्स को सेलेक्ट करें जहाँ आप डेटा चाहते हैं (जैसे 2 Rows और 3 Columns वाली जगह)।
- फॉर्मूला बार में टाइप करें: =TRANSPOSE(A1:B3)
- महत्वपूर्ण: अगर आप पुराना Excel इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सिर्फ Enter न दबाएं, बल्कि Ctrl + Shift + Enter दबाएं। (Excel 365 में सिर्फ Enter काम करेगा)।
परिणाम:
अब आपका डेटा ऐसा दिखेगा:
- Row 1: Item, Apple, Mango
- Row 2: Price, 100, 80
Benifits of TRANSPOSE Range hindi
- फायदा: जब आप ओरिजिनल टेबल में कोई बदलाव करेंगे, तो ट्रांसपोज़ किया हुआ डेटा अपने आप अपडेट हो जाएगा।
- सीमा: आप ट्रांसपोज़ की गई सेल्स के बीच में से किसी एक सेल को डिलीट नहीं कर सकते; आपको पूरी रेंज को ही बदलना होगा।
- FREQUENCY: यह डेटा की एक रेंज में वैल्यूज के वितरण (distribution) की गणना करता है।
- TREND & GROWTH: सांख्यिकीय डेटा (statistical data) के आधार पर भविष्य के रुझानों का अनुमान लगाने के लिए।
एक्सेल एरर मैसेज (Excel Error Messages) और उनके समाधान
जब फॉर्मूला सही से काम नहीं करता, तो एक्सेल ये एरर दिखाता है:
| एरर (Error) | इसका मतलब क्या है? | समाधान |
| ##### | सेल की चौड़ाई कम है या तारीख/समय नेगेटिव है। | कॉलम की चौड़ाई बढ़ाएं। |
| #VALUE! | फॉर्मूले में गलत प्रकार के डेटा का उपयोग हुआ है (जैसे नंबर की जगह टेक्स्ट)। | फॉर्मूले के डेटा टाइप की जाँच करें। |
| #DIV/0! | किसी संख्या को शून्य (0) से भाग देने की कोशिश की गई है। | भाजक (divisor) को बदलें। |
| #NAME? | एक्सेल फॉर्मूले का नाम या सेल रेंज का नाम नहीं पहचान पा रहा। | स्पेलिंग चेक करें। |
| #N/A | डेटा उपलब्ध नहीं है या एरे का आकार मैच नहीं हो रहा। | चेक करें कि एरे फॉर्मूला सही रेंज को रेफर कर रहा है। |
| #REF! | फॉर्मूला ऐसे सेल को रेफर कर रहा है जो डिलीट या ओवरराइट हो चुका है। | सेल रेफरेंस को अपडेट करें। |
| #NUM! | फॉर्मूले में संख्यात्मक (numeric) समस्या है या एक्सेल की गणना क्षमता से बाहर है। | नंबर वैल्यूज को ठीक करें। |
| #NULL! | आपने फॉर्मूले में गलत रेंज ऑपरेटर का उपयोग किया है। | स्पेस या कोलन (:) की जाँच करें। |
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💡 महत्वपूर्ण टिप्स
1. सेल रेफरेंस (Relative vs Absolute)
Relative Reference: जब आप फॉर्मूला कॉपी करते हैं, तो सेल का पता बदल जाता है।
Excel में Relative Reference सबसे बुनियादी और डिफ़ॉल्ट (Default) रेफरेंस है। इसका सीधा मतलब है कि जब आप किसी फ़ॉर्मूला को एक सेल से दूसरी सेल में Copy या Drag करते हैं, तो सेल का एड्रेस अपने आप बदल जाता है।
यह एक्सेल की "स्मार्टनेस" है जो समझ जाती है कि अगर आपने ऊपर वाली सेल में दो नंबर जोड़े हैं, तो नीचे वाली सेल में भी आप उसके सामने वाले दो नंबर ही जोड़ना चाहते हैं।
1.Relative Reference कैसे काम करता है?
मान लीजिए आपके पास कुछ सामान की मात्रा (Quantity) और उनकी कीमत (Price) है:
| Item (A) | Quantity (B) | Price (C) | Total (D) |
| Apple | 10 | 50 | =B2*C2 |
| Mango | 5 | 80 | (Drag करने पर) |
| Banana | 12 | 20 | (Drag करने पर) |
चरण (Steps):
- सेल D2 में आप फ़ॉर्मूला लिखते हैं: =B2*C2 (उत्तर आएगा: 500)।
- अब आप इस सेल के कोने (Fill Handle) को पकड़कर नीचे D3 और D4 तक खींचते (Drag करते) हैं।
एक्सेल अपने आप फ़ॉर्मूला बदल देगा:
- D3 में फ़ॉर्मूला बन जाएगा: =B3*C3 (उत्तर: 400)
- D4 में फ़ॉर्मूला बन जाएगा: =B4*C4 (उत्तर: 240)
यहाँ B2 और C2 रिलेटिव रेफरेंस हैं क्योंकि वे अपनी जगह बदल रहे हैं।
Relative Reference की मुख्य विशेषताएँ:
- कोई $ का निशान नहीं: इसमें सेल एड्रेस के साथ कोई डॉलर का चिन्ह (
$) नहीं होता (जैसे: A1, B2)। - समय की बचत: आपको हर रो (Row) के लिए अलग से फ़ॉर्मूला टाइप करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
- डायनामिक: अगर आप बीच में कोई नई रो जोड़ते हैं, तो फ़ॉर्मूला उसके अनुसार खुद को एडजस्ट कर लेता है।
तुलना (Comparison between Relative and Absolute reference ):
| प्रकार (Type) | उदाहरण | ड्रैग करने पर क्या होता है? |
| Relative | A1 | सेल एड्रेस बदल जाता है (A1, A2, A3...)। |
| Absolute | $A$1 | सेल एड्रेस बिल्कुल नहीं बदलता, फिक्स रहता है। |
Absolute Reference ($A$1): इसमें सेल का पता स्थिर रहता है, चाहे आप फॉर्मूला कहीं भी कॉपी करें।
2. सर्कुलर रेफरेंस (Circular Reference)
जब कोई फॉर्मूला खुद अपने ही सेल को रेफर करता है, तो उसे 'सर्कुलर रेफरेंस' कहते हैं। इसे स्टेटस बार में जाकर लोकेट और ठीक किया जा सकता है।
Excel में Circular Reference तब होता है जब एक फ़ॉर्मूला प्रत्यक्ष (Directly) या अप्रत्यक्ष (Indirectly) रूप से अपने आप को ही कैलकुलेट करने की कोशिश करता है।
इसे एक "अंतहीन चक्र" (Endless Loop) की तरह समझें। एक्सेल भ्रमित हो जाता है क्योंकि उसे उत्तर निकालने के लिए उसी उत्तर की ज़रूरत होती है जिसे वह अभी निकाल रहा है।
Circular Reference कैसे बनता है? (उदाहरण)
मान लीजिए आप सेल A3 में कुछ जोड़ना चाहते हैं:
| Cell | Value |
| A1 | 100 |
| A2 | 200 |
| A3 | =A1+A2+A3 |
यहाँ क्या गलत है?
सेल A3 में आपने फ़ॉर्मूला लिखा है =A1+A2+A3। एक्सेल A1 और A2 को तो जोड़ लेगा, लेकिन फिर वह A3 की वैल्यू ढूँढेगा। चूँकि A3 अभी खुद को ही कैलकुलेट कर रहा है, इसलिए वह कभी खत्म नहीं होगा।
Circular Reference होने पर क्या होता है?
- Warning Message: जैसे ही आप ऐसा फ़ॉर्मूला लिखेंगे, एक्सेल एक चेतावनी (Warning) दिखाएगा कि आपके पास एक सर्कुलर रेफरेंस है।
- Zero (0) Result: ज़्यादातर मामलों में, एक्सेल कैलकुलेशन रोक देता है और सेल में 0 दिखाई देता है।
- Blue Line: एक्सेल अक्सर उन सेल्स के बीच एक नीली रेखा (Blue Arrow) दिखाता है जो इस चक्र में फँसे हुए हैं।
इसे ठीक कैसे करें? (How to Fix Error )
सर्कुलर रेफरेंस आमतौर पर एक गलती होती है। इसे ठीक करने के लिए:
- फ़ॉर्मूला चेक करें: देखें कि क्या आपने गलती से वही सेल एड्रेस तो नहीं डाल दिया जिसमें आप फ़ॉर्मूला लिख रहे हैं।
- Error Checking Tool:
- Formulas टैब पर जाएँ।
- Error Checking के बगल वाले छोटे तीर पर क्लिक करें।
- Circular References पर जाएँ। एक्सेल आपको उन सेल्स की लिस्ट दिखा देगा जहाँ गलती है।
क्या इसे जानबूझकर इस्तेमाल किया जा सकता है?
हाँ, कुछ जटिल इंजीनियरिंग या वित्तीय गणनाओं (Financial Modeling) में इसकी ज़रूरत पड़ती है। इसे चलाने के लिए आपको एक्सेल की सेटिंग बदलनी पड़ती है:
- File > Options > Formulas में जाएँ।
- "Enable iterative calculation" को टिक करें।
- इससे एक्सेल हार मानने के बजाय एक निश्चित बार (जैसे 100 बार) कोशिश करेगा और उत्तर के करीब पहुँचने का प्रयास करेगा।
3. IFERROR फंक्शन
यह फंक्शन आपके फॉर्मूले की गलतियों को छुपाने के काम आता है। अगर फॉर्मूले में एरर है, तो यह आपकी पसंद का कोई मैसेज या वैल्यू (जैसे 0) दिखा सकता है।
Excel में IFERROR फ़ंक्शन एक बहुत ही उपयोगी टूल है जिसका उपयोग फॉर्मूला में आने वाली गलतियों (Errors) को छुपाने या उनकी जगह कोई दूसरा संदेश (Message) दिखाने के लिए किया जाता है।
अक्सर जब हम VLOOKUP या Division (भाग) करते हैं, तो डेटा न मिलने पर एक्सेल #N/A, #DIV/0!, या #VALUE! जैसे भद्दे एरर दिखाता है। IFERROR इन एरर्स को साफ-सुथरा बना देता है।
IFERROR फ़ंक्शन का सिंटैक्स (Syntax)
=IFERROR(value, value_if_error)
- value: वह फॉर्मूला या सेल जिसे आप चेक करना चाहते हैं।
- value_if_error: वह मान या मैसेज जो आप तब दिखाना चाहते हैं जब फॉर्मूला में कोई गलती (Error) हो।
उदाहरण 1: भाग (Division) करते समय
मान लीजिए आप सेल A1 को B1 से भाग दे रहे हैं। अगर B1 में 0 है, तो एक्सेल #DIV/0! एरर दिखाएगा।
बिना IFERROR के: =A1/B1 → (परिणाम: #DIV/0!)
IFERROR के साथ: =IFERROR(A1/B1, 0) → (परिणाम: 0)
या आप कोई मैसेज भी लिख सकते हैं:
=IFERROR(A1/B1, "Check Input")
उदाहरण 2: VLOOKUP के साथ (सबसे ज़्यादा इस्तेमाल)
जब आप किसी आईडी को ढूंढते हैं और वह लिस्ट में नहीं होती, तो VLOOKUP एरर देता है।
फॉर्मूला:
=IFERROR(VLOOKUP("E105", A2:B10, 2, 0), "Data Not Found")
How to work Vlookup
- एक्सेल पहले
VLOOKUPचलाएगा। - अगर उसे डेटा मिल गया, तो वह सही उत्तर दिखाएगा।
- अगर उसे एरर मिला, तो वह "#N/A" दिखाने के बजाय "Data Not Found" लिख देगा।
- साफ रिपोर्ट: आपकी एक्सेल शीट में एरर वाले सेल्स गंदे नहीं दिखते।
- आगे की गणना: अगर किसी सेल में एरर है, तो आप उस कॉलम का टोटल (SUM) नहीं कर पाएंगे।
IFERRORसे उस एरर को0में बदलकर आप आसानी से कैलकुलेशन कर सकते हैं। - प्रोफेशनल लुक: क्लाइंट या बॉस को रिपोर्ट भेजते समय यह बहुत काम आता है।

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