Bihar gramin jeevika full information | ग्राम संगठन का अर्थ प्रशिक्षण का तरीका

. ग्राम संगठन का अर्थ Kya hota hai ?

ग्राम संगठन ग्रामीण विकास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को मजबूती प्रदान कर उन्हें एक मंच पर लाने का कार्य करता है।

ग्राम संगठन एक गाँव के भीतर सक्रिय 10 से 20 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का एक लोकतांत्रिक संघ है। यह समूहों के बीच एक सेतु (Bridge) के रूप में कार्य करता है, जो उन्हें वित्तीय, सामाजिक और प्रशासनिक मजबूती प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत समूहों की समस्याओं को सुलझाना और गाँव के समग्र विकास के लिए संसाधनों को एकजुट करना है।

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2. ग्राम संगठन की संरचना kaise Hota hai ?

ग्राम संगठन का ढांचा त्रि-स्तरीय होता है ताकि पारदर्शिता बनी रहे:

  • सामान्य निकाय (General Body): इसमें संगठन से जुड़े सभी समूहों के सभी सदस्य शामिल होते हैं।
  • कार्यकारिणी समिति (Executive Committee): प्रत्येक समूह से 2 प्रतिनिधि (अध्यक्ष और सचिव) इसमें शामिल होते हैं।
  • पदाधिकारी (Office Bearers): कार्यकारिणी समिति में से ही अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, उप-सचिव और कोषाध्यक्ष का चुनाव किया जाता है।


3. प्रमुख कार्य एवं उत्तरदायित्व kaya hai ?

ग्राम संगठन के कार्यों को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:

  • समूहों की निगरानी: यह देखना कि सभी समूह नियमित बैठक कर रहे हैं या नहीं और उनके रजिस्टर (बही-खाते) सही से लिखे जा रहे हैं।
  • वित्तीय प्रबंधन: समूहों को ऋण उपलब्ध कराना, बैंकों से लिंकेज करवाना और सामुदायिक निवेश कोष (CIF) का सही प्रबंधन करना।
  • क्षमता विकास व प्रशिक्षण: समूह के सदस्यों को उनके अधिकारों, स्वरोजगार और कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण दिलवाना।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ: सरकार की विभिन्न कल्याणकारी और विकास योजनाओं को समूह के अंतिम सदस्य तक पहुँचाना।
  • सामाजिक मुद्दों पर कार्य: गाँव में व्याप्त कुरीतियों जैसे बाल विवाह, नशाखोरी या स्वच्छता जैसे मुद्दों पर सामूहिक चर्चा और सुधार करना।
  • संसाधन जुटाना: गाँव के स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग कर आजीविका के नए अवसर पैदा करना।


4. प्रशिक्षण (Training)

ग्राम संगठन को प्रभावी बनाने के लिए सदस्यों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है:

  • नेतृत्व विकास: पदाधिकारियों को संगठन चलाने और निर्णय लेने का प्रशिक्षण।
  • वित्तीय साक्षरता: लेखा-जोखा रखने, बैंक ट्रांजेक्शन और ब्याज की गणना का ज्ञान।
  • प्रबंधन कौशल: विवाद सुलझाने और बैठक के प्रभावी संचालन की कला।

2. ग्राम संगठन की अवधारणा | bihar gramin jeevikaparjan

उद्देश्य ग्राम संगठन क्या है ? ग्राम संगठन का अर्थ महत्व इसकी विशेषताओं की जानकारी सदस्यों को मिलाना


उप विषय

  •  ग्राम संगठन का अर्थ
  • ग्राम संगठन का महत्व
  • निर्माण
  • विशेषता
  • भूमिका एवं दायित्व
  • ग्राम संगठन के सदस्यों की भूमिका एवं दायित्व
  • ग्राम संगठन के प्रतिनिधियों की भूमिका एवं दायित्व

2. प्रशिक्षण सामग्री

1. फ्लिप चार्ट नंबर, 1,2,3,4,5,6,7

2. मार्कर एवं चार्ट पेपर

  • प्रशिक्षण अवधि = 3 घंटे
  • व्याख्यान विधि :- सदस्यों से सवाल-जवाब ,चर्चा मछली की कहानी तथा गिनती का खेल 
ग्राम संगठन का अर्थ
प्रशिक्षण का तरीका :- फैंसीलेटर सदस्यों को चाट दिखाकर सवाल/ प्रश्न पूछना

मुख्य सवाल प्रश्न को

1. आप लोगों ने इस चार्ट को देखकर क्या समझा ?

2. ग्राम संगठन का अर्थ क्या है ?


सदस्यों से प्रश्नों का जवाब लेने के बाद फसीलेटर निम्नानुसार समझाएंगे


ग्राम संगठन का महत्व

         प्रशिक्षण विधि :- कहानी चार्ट द्वारा समझाना


पूर्णिया जिले के अमारी गांव में एक तालाब था जिस जिसमें बहुत सारी छोटी-छोटी मछलियों का समूह अपना खुशहाल जीवन व्यतीत करता था। 1 दिन की बात है कि बरसात के समय में दूसरे तालाब से एक मगरमच्छ आकर उसमें रहने लगा। उसने देखा कि इस तालाब में बहुत सारी छोटी-छोटी मछलियां हैं। उन्हें देखकर वह काफी खुश हुआ उसने सोचा कि मेरा जीवन यहां बहुत अच्छी तरह से व्यतीत होगा तथा यह सोचकर एक बार एक पर मछलियों को खाना शुरु कर दिया।


यह देखकर सभी मछलियों बहुत भयभीत हो गई सभी मछलियों ने मिलकर आपस में यह निर्णय किया कि सारी मछलियां हमेशा एक साथ रहेंगे और एक साथ मिलकर मगरमच्छ का सामना करेंगी। सभी मछलियों ने ऐसा ही किया जैसे ही मगरमछ आया सारी मछलियों ने एक समूह बनाकर एक बड़ी मछली का रूप धारण कर लिया और उस मगरमच्छ के सामने आई मगरमच्छ ने जैसे ही उन्हें देखा वह डर गया और वहां से वह मगरमच्छ भागकर दूसरे तालाब में चला गया


इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किसी भी काम को एक साथ मिलकर करने से बड़ा से बड़ा और भारी से भारी काम आसानी से किया जा सकता है।


3 . प्रश्न :----

            मछलियों को मगरमच्छ क्यों खा रहा था ?

           एक मछली मगरमच्छ को क्यों नहीं भगा पा रही थी ?

           मगरमच्छ क्यों भाग गया ?

            इस कहानी से आपने क्या समझा ?


(सवाल के जवाब मिलने के बाद फेसिलेटर को निम्नलिखित तरीका से ग्राम संगठन के महत्व को समझाना चाहिए )

  • गरीबी हटाने तथा उसका विकास करने का मंच
  • गांव के सभी समूहों का द्वितीय स्तरीय मंच है
  • ग्राम संगठन के सभी समूह के लिए सूचना प्राप्त करने और प्रदान करने का मंच है
  • गांव के में सभी समूहों के बीच एकता लाने वाला मंच
  • समूह एक समूह के सभी सदस्यों को विकास विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का मंच
  • समूह के अच्छे तरीकों अच्छे गुण को एक दूसरे से सीखने का मंच
  • समस्याएं जो छोटे-छोटे समूह द्वारा नहीं सुलझ पाती उन समस्याओं को सुलझाने का मंच
  • अपने छोटे-छोटे समूहों के आर्थिक विकास के लिए अन्य बाहरी वित्तीय संस्थाओं के संबंध से स्थापित कर उनको पूंजी उपलब्ध करवाने का मंच
  • सरकारी गैर सरकारी बैंक तथा प्रखंड स्तरीय फेडरेशन के साथ संबंध स्थापित कर समूहों को विकसित करने का मंत्र
  • अपने छोटे-छोटे समूहों को कामकाज को देखने एवं उनके मजबूती प्रदान करने का मंच
  • सरकारी गैर सरकारी एवं जीविका परियोजना द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की सूचना प्रदान
  • करने तथा इसके माध्यम से अपने गरीब सदस्यों के लिए भविष्य में विभिन्न योजनाओं से ग्राम संगठन के माध्यम से लागू करवाने का मंच
  • समूह का रजिस्टर प्रदान करने और समूह का अनुच्छेद पढ़कर ना तेरा समूह के विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण की जरूरतों की पहचान कर प्रशिक्षण उपलब्ध करवाना
  • गांव के सभी गरीब लोगों को समूह से जोड़ना
  • का परियोजना द्वारा चलाए जा रहे क्रियाकलापों को लागू करने के लिए फूल का काम करना 

3. ग्राम संगठन का निर्माण संरचना


फैसिलिटेटर- ग्राम संगठन के निर्माण के लिए ग्राम संगठन निर्माण का चार्ट दिखा कर सदस्यों को ग्राम संगठन के निर्माण के बारे में निम्नलिखित तरीके से बताएंगे।


गांव के नजदीकी 10-20 छोटे समूह को लेकर ग्राम संगठन का निर्माण किया जाता है जिसमें प्रत्येक समूह से 3 अथवा 2 प्रतिनिधियों एवं समूह के एक सामान्य सदस्य को लेकर एक कार्यकारिणी समिति का निर्माण किया जाता है। तथा इस कार्यकारिणी समिति से ही किन्हीं तीन गरीब सदस्यों का चुनाव का अध्यक्ष, सचिव ,तथा कोषाध्यक्ष बनाया जाता है. ग्राम संगठन बनने के बाद सदस्य द्वारा सर्वसम्मति से ग्राम संगठन का नामांकन किया जाता है तथा इसके नाम पर बैंक से लेनदेन करने के लिए एक बचत खाता खुलवाया जाता है। जिस का संचालन संगठन के तीनों चयनित प्रतिनिधि द्वारा किया जाता है।


ग्राम संगठन का आम निकाय (जनरल बॉडी)

                    -: 10-20 समूह के सभी सदस्यों को जोड़कर ग्राम संगठन के आम निकाय का गठन किया जाता है

प्रतिनिधिमंडल

                   :- समूह के तीन अथवा दो प्रतिनिधियों समूह के एक सामान्य सदस्य को लेकर प्रतिनिधि मंडल का गठन किया जाता है ?


कार्यकारिणी समिति (ob ) वह भी प्रतिनिधि मंडल द्वारा निर्वाचित कम से कम 12 सदस्यों की कार्यकारिणी समिति का गठन किया जाता है। कार्यकारिणी समिति में चयनित अध्यक्ष सचिव तथा कोषाध्यक्ष ग्राम संगठन का संचालन करते हैं।


प्रशिक्षण विधि :- फैसिलिटेटर की प्रतिभागियों को दो भागों में बांट कर उनके साथ चर्चा करनी चाहिए

            

चर्चा के बाद निम्न बिंदुओं को विस्तार से समझाना चाहिए


  1. गांव के एक गरीब से गरीब परिवार को जो समूह से नहीं जुड़े हैं उनकी पहचान कर समूह में जोड़ना
  2. गरीब से गरीब परिवार वाले समूह को ग्राम संगठन के साथ जोड़ना
  3. सामाजिक संपत्ति को तैयार करना जैसे जीविका मित्र सीएम लेखपाल जीविका ज्योति सीआरपी स्वास्थ्य कार्यकर्ता शिक्षा कार्यकर्ता किसी कार्यकर्ता इत्यादि
  4. ग्राम संगठन के सदस्य समूह के क्षमता विकास के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन के लिए जीविका मित्र सीएम सामुदायिक के माध्यम से प्रशिक्षण देना सदस्य प्रतिनिधियों एवं जीविका में सीएम लेखपाल का प्रशिक्षण
  5. ग्राम संगठन से जुड़े हुए समूह का ग्रेडिंग करने के लिए के बाद भी B एवं C ग्रेड वाले समूह की क्षमता का विकास करने के लिए प्रशिक्षण देकर ए ग्रेड में लाना
  6. प्रत्येक 6 माह के निश्चित स्थान तथा निश्चित समय पर कार्यकारिणी समिति की बैठक करना
  7. प्रत्येक 3 माह के अंतराल पर आम निकाय GB की बैठक में सभी सदस्यों को उपस्थित होना चाहिए
  8. प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर समूह का आंतरिक अंक क्षेपण करवाना
  9. समूह के सदस्यों की आजीविका को बढ़ाने के लिए ग्राम संगठन प्रखंड स्तरीय फेडरेशन से पूंजी जुटाने का काम करता है।
  10. बैंक तथा वित्तीय समस्याओं से स्थापित कर समूह के लिए पूंजी उपलब्ध करवाना तथा उनकी देखरेख करना गांव में उपलब्ध स्वास्थ्य केंद्र आंगनबाड़ी शिक्षा केंद्र पशु चिकित्सालय सरकारी संस्थाओं के साथ स्थापित कर उनकी सेवाओं को सदस्य तक पहुंचाना।

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12 ग्राम संगठन की विधि और पासवर्ड बढ़ाने के लिए सदस्य समूह से सदस्यता शुल्क अंश पूंजी तथा मासिक बचत करवाना

13 प्रशासनिक एवं वित्तीय नियमावली तैयार कर उसको ग्राम संगठन में लागू करवाना

14 छोटे लोन योजना का प्रशिक्षण देकर उसे तैयार करवाना ग्राम संगठन की कार्यकारिणी समिति द्वारा उसका अनुमोदन करवाकर समूह को पूंजी उपलब्ध कराना

15 समूह द्वारा सामाजिक मुद्दों पर चर्चा कर समस्याओं के निदान हेतु रास्ता ढूंढना सामाजिक समस्याएं बाल विवाह लड़के और लड़कियां की शिक्षा स्वास्थ्य और नशाखोरी बाल मजदूरी इत्यादि।


16 सरकारी योजनाओं जैसे राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना वृद्धा पेंशन विधवा पेंशन परिवारिक लाभ योजना इंदिरा आवास योजना अनुसूचित जाति जनजाति विकास योजना इत्यादि की जानकारी देना तथा उनको उपलब्ध करवाने हेतु संबंध स्थापित करना

17 जीविका परियोजना द्वारा चलाए गए कार्यक्रमों जैसे खाद सुरक्षा श्री विधि सभा की किस्म चयन कार्यक्रम पीवीएसपी मत्स्य पालन विभाग जॉब्स कैंपेन स्वास्थ्य निधि दुग्ध व्यवसाय इत्यादि समूह के सदस्यों को उपलब्ध करवाना


18 जीव का मित्र शिवम को चयनित कर उनके कार्यों जैसे ग्राम संगठन की किताबों पर लेखा-जोखा समूह को प्रशिक्षण देना तथा समूह की देखरेख करना इन सभी कार्यों को मूल्यांकन कर जीविका मित्र सीएम का मान्य देता है करना

19 ग्राम संगठन में आवश्यकता अनुसार उप समिति का गठन किया जाता है जैसे सामाजिक समिति सामाजिक क्षेत्र समिति बैठक जुड़ाव समिति खाद सुरक्षा समिति इत्यादि तथा इनके कार्यों का मूल्यांकन कार्यकारिणी समिति की बैठक में किया जाता है।


20 प्रखंड स्तरीय संघ की मासिक बैठक में अपनी ग्राम संगठन के प्रतिनिधि तथा मासिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए अध्यक्ष सचिव तथा कोषाध्यक्ष को भाग लेने के लिए भेजना ग्राम संगठन द्वारा सामूहिक खरीदारी केंद्र तैयार कर सामूहिक खरीदारी तथा बाजार से जुड़ाव कर बिचौलियों के शोषण से मुक्त करवाना जैसे कम मूल्य कम वजन इत्यादि।

21 ग्राम संगठन द्वारा सामूहिक खरीदारी केंद्र तैयार कर समझी खरीदारी तथा बाजार से जुड़ाव कर बिचौलियों को शोषण से मुक्त करवाना है जिससे कम मूल्यांकन इत्यादि कमजोर लोग जैसे कि असहाय व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं की सहायता उपलब्ध हो।


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