Murti Kaise banate hai full jankari hindi me | मूर्ति कैसे बनाते है बनाने में क्या क्या लगता है हिंदी में

जी हां दोस्तों  आज मई बताऊंगा की Mitti ki murti banane ki vidhi आपने सही सुना है यदि आप भी एक कलाकार हैं, मूर्ति बनाकर पैसा कमाना (paisa kamana) चाहते हैं, तो यह प्लेटफार्म आपके लिए बहुत ही उपयोगी है। 

Murti  kaise banta hai | मूर्ति कैसे बनाते हैं ,
murti banane ka tarika 

Murti  kaise banate hai  मूर्ति कैसे बनाते हैं  पूरा प्रक्रिया हिंदी में। 

और यहां हम आपको स्टेप बाई स्टेप बताएंगे की मूर्ति बनाने के लिए क्या-क्या लगता है 

और साथी ही  इसका फार्मा  का डाई कहां मिलता है। आप फेस डाई खरीद कर मूर्ति  बना सकते हैं। 

मिटटी की मूर्ति बनाने की विधि स्टेप बाई स्टेप हिंदी में।  

 मिटटी की मूर्ति बनाने क्या क्या लगता है ?

  1. बॉस ,
  2. लकड़ी ,
  3. रस्सी ,
  4. पुआल,
  5. Kali मिटटी ,
  6. रुई 
  7. फेस फार्मा 
  8. जवेलरी फार्मा 

मूर्ति बनाने के लिए कौन सा टूल्स चहिये ?

  • हथौड़ा 
  • छेनी 
  • आरी 
  • बाटली 

इसके लिए आपको सबसे पहले बांस की जरूरत होगी बांस को अच्छी तरह से फाड़कर  उसका  बता  बना ले इसके अलावा आपको पूवालो  की जरूरत होगी। पुआल के साथ काँटी , रस्सी और कालि या पीली मिट्टी की जरूरत होगी। 

2 .मूर्ति बनाने की  पूर्ण विधि हिंदी में | 

  1. खाट - सबसे पहले आपको बांस से तथा लकड़ी से चार्ली बनना होगा ,चाली याखाट बनाने के बाद उस पर 
  2. पुवाल बांधना -पुआल से मूर्ति का ढांचा बांधा जाता है। 
  3. ढांचा तैयार करना - ढांचा अच्छी तरह पूर्ण रूप से  बांधने के 
  4. मिटटी बनाना - मिटटी को अच्छे से कुटाई किया जाता है उसमे पानी डालकर गुथा जाता है।
  5. फिर पुवाल से बानी मूर्ति के ऊपर  
  6. फर्स्ट कोट मिटटी- बाद उस पर हम लोग मिट्टी लगाते हैं। 
  7. सेकंड कोट  मिटटी - मिट्टी सूख जाने के बाद  उसमे कुछ दरार आ जाता है  .
  8. भराई करना - दरार में हां फ़िल्टर मिटटी की भरे करते है।
  9. भराई के बाद १२० या १६० नंबर सिरिस पेपर से चिकनाई के लिए घिसाई किया जाता है। 
  10. मिटटी पुताई - पेपर के बाद  मिटटी का घोल बनाकर  कपडे से छानकर 
  11. मूर्ति की पेट ब्रुश द्वारा पुताई किया जाता है। 
  12. उसके बाद फिर २०० नंबर पेपर से घिसे किया जाता है। 
  13. अब आपकी मूर्ति पैन्टिन्ग के लिए तैयार है। 
बाकि बाटे निचे विस्तार से पढ़े "----

फिर हम लोग मिट्टी को अच्छी तरह से गोदते और मूर्ति फटे नहीं इसलिए उसमें लकड़ी या धान की भूसी डालकर अच्छी तरह से हम लोग मिला लेते हैं ,मिला लेने के बाद वह मिट्टी से बनाए गए ढांचे पर चारों तरफ लगा देते हैं। 

मिट्टी लगा देने के बाद आपका मूर्ति कुछ इस तरह से हो जाता है।  फिर हम लोग सूखने देते हैं थोड़ा हल्का सूख जाने के बाद उस पर फिर से बिल्कुल प्लेन मिट्टी बनाकर लीपा जाता है।  मिट्टी लिपने  के बाद हम मूर्ति का फेस लगाते हैं। 

मूर्ति का फेस  कैसे बनाते है ?

  • फेस  ( लगभग सभी कलाकार ) फेस फार्मा से  निकला  जाता है निकालने के बाद अच्छी तरह से सूखा लेते हैं।  फिर उसको शिरीष कर देते हैं शिरीष करने के बाद वह हम मूर्ति में जोड़ देते हैं। 

 रुई से बना मिटटी से  उंगली, कान ,गहना,तथा  बाल  बनाये जाते है।  आजका तो ये सभी फार्मा से ही नकल जाता है। 

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नोट :- उंगली  .फेस ,और  गहने  को हम हाथ और फार्मा  दोनों से बनाते है।  

चेहरा  को जैसे ही हम उंगली और हाथ और पैर की उंगली को डाई से निकालते हैं जिससे हमारा काफी समय बच जाता है।साथ ही मूर्तियों पर लगने वाले गहने  को भी फार्मा  से निकाला जाता है।

फेस डाई कहा मिलता है ? | Where to by face die ?

  • यदि  आप मूर्ति कालकर है तो आपको मूर्ति से संबंधित डाई की जरूरत होगी जिसे अमेज़न या फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन माँगा सकते  मंगवा सकते हैं। या फिर किसे कलाकार से संपर्क करके  वह से भी मंगवा सकते।, बहुत ऐसे कलाकार है जो Fce Die बचते है। 

फिर सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है सूख जाने के बाद मूर्ति  कही -कही  फटा   जहां कहीं भी दिखाई देता है।  वहां पर हम लोग मिटटी भर कर  शिरीष पेपर से घीस  देते हैं। घीसने  के बाद आपका मूर्ति फ्रेश हो जाता है ,कलर के लिए रेडी हो जाता है। 

Murti paint kaise hota hai | मूर्ति पेंटिंग कैसे की जाती है ?

  • सफेदी - कलर सबसे पहले हम लोग मूर्ति पर खली या डिस्टेंपर को घोलकर सफेद कलर फर्स्ट कोट कर देते हैं। 
  • कलर सुखना - सफेद कलर  लगभग १० से २० मिनट में सुखं  जाता है। 
  • कलर - सूखने के बाद फिर हम लोग उस पर कलर मिलकर पेंट करते हैं। यह दो कोट लगे जाट है। 
  • साइड अप्लाई - कलर पेंट करने के बाद  उसके चारों तरफ साइड चलाया जाता है। 

मूर्ति में चमक कैसे आता है ?

साइड  कलर लग जाने के बाद मूर्ति में चमक लाने के लिए हम लोग उस पर वार्निश या सिप चला देते हैं। 

 वार्निश चलाने के लिए आपको सबसे पहले मूर्ति पर साबूदाना  या गोंद चलाना पड़ता है जिससे की मूर्ति में बेस्ट चमक आये फिर उसके बाद हम उस परवर्निश चला  देते हैं। वार्निस पेंटिंग मशीन या ब्रश दोनों से चले जा सकता है। 

मूर्ति में हाथो का मेहँदी कैसे किया जाता है ?

  •  सभी रंग फाइनल हो  जाने के बाद हम हाथ की मेहंदी बनाया जाता है ,नाखून,रंगे जाते है ,बालो को कलर किया जाता है,  फिर अंत में आंखों का काम  शुरू करते हैं। आंखों का काम पूरी तरह से हो जाने के बाद हम लोग फिर मूर्ति को सजा देते हैं। 

मूर्ति का आँख कैसे खोलते है ( मूर्ति आँख कैसे बनाते है पेंट से )

  • इसके अलावा आपको फ्लोरोसेंट का लाल, पीला, हरा ,और काला काला और सभी  मेल का लाल ,पीला, हरा सफेद,कलर और ऊपर से चमक के लिए लगाया जाने वाला। कलर सीप या वारिस चाहिए होते हैं। इतना कम से कम कलर रहने पर आप अच्छी तरह से एक मूर्ति को कलर कर सकते हैं। 

मूर्ति सजाने में काया क्या लगता है ?

SARSWATI  MAA MURTI KE LIYE SAJAVAT 

  • साड़ी के लिए लाल या पीला रंग की चुनरी 
  • मुकुट सेट 
  • वीडा 
  • माला 
  • झुमका + टिका + नथिया 
  • चक्री 
सभी सामान लाने के बाद सजावट की प्रक्रिया शुरू होती है, रात दिन मेहनत करके मूर्ति को सजा देते हैं सजा देने के बाद आपका मूर्ति पूरी तरह से बनकर कंप्लीट हो जाता है।

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