भारत की रक्षा शक्ति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) का बहुत बड़ा योगदान है। जुलाई 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने Integrated Guided Missile Development Programme (IGMDP) की नींव रखी थी।
१. 10 indian missiles list | भारतीय मिसाइल और मारक छमता उनके कार्य हिंदी में
1. प्रमुख भारतीय मिसाइलें (Indian Missiles List)
| मिसाइल का नाम | प्रकार (Type) | मारक क्षमता (Range) | मुख्य विशेषता |
| पृथ्वी (Prithvi) | सतह से सतह (Surface to Surface) | 150 - 350 किमी | यह भारत की पहली स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल है। |
| अग्नि (Agni I-V) | सतह से सतह (Ballistic Missile) | 700 - 5000+ किमी | अग्नि-5 एक अंतरमहाद्वीपीय (ICBM) मिसाइल है। |
| त्रिशूल (Trishul) | सतह से हवा (Surface to Air) | 500 मी - 9 किमी | कम दूरी की मारक क्षमता, तेज प्रतिक्रिया। |
| आकाश (Akash) | सतह से हवा (Surface to Air) | 25 किमी | इसमें 'रामजेट' सिद्धांतों का प्रयोग किया गया है। |
| नाग (Nag) | टैंक रोधी (Anti-Tank) | 4 किमी | इसे "दागो और भूल जाओ" (Fire and Forget) मिसाइल कहते हैं। |
| ब्रह्मोस (BrahMos) | सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल | 290 - 450 किमी | भारत (DRDO) और रूस का संयुक्त उपक्रम है। |
2. मिसाइलों का विस्तृत विवरण (Detailed Info)
- अग्नि (Agni Series): अग्नि श्रेणी में वर्तमान में 5 से अधिक मिसाइलें हैं। अग्नि-3 की क्षमता 3000-3500 किमी है और यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
- धनुष (Dhanush): यह पृथ्वी मिसाइल का नौसैनिक संस्करण (Naval Variant) है, जिसे युद्धपोत से लॉन्च किया जा सकता है।
- सागरिका (Sagarika): यह पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली (SLBM) मिसाइल है। भारत ऐसा करने वाला दुनिया का 5वां देश बना।
- अस्त्र (Astra): यह भारत की पहली 'हवा से हवा' (Air-to-Air) में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल है।
- प्रद्युम्न (Pradyumna): यह एक इंटरसेप्टर मिसाइल है, जो दुश्मन की मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर देती है।
3. भारतीय टैंक और लड़ाकू विमान (Tanks and Fighter Jets in short)
- अर्जुन टैंक (MBT Arjun): DRDO द्वारा विकसित यह टैंक रात में भी काम कर सकता है। इसमें विशेष फिल्टर लगे हैं जो सैनिकों को जहरीली गैस और रेडिएशन से बचाते हैं।
- टी-90 एस भीष्म: यह 4 किमी के दायरे में मिसाइल दाग सकता है और बारूदी सुरंगों से खुद की रक्षा करने में सक्षम है।
- तेजस (Tejas): यह स्वदेश निर्मित दुनिया का सबसे हल्का बहुआयामी सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है।
- निशांत (Nishant): यह एक 'पायलट रहित' (UAV) प्रशिक्षण विमान है, जिसका उपयोग टोह लेने (Surveillance) के लिए किया जाता है।
- लक्ष्य (Lakshya): यह एक 'रिचार्जेबल' जेट इंजन वाला विमान है जिसका उपयोग अभ्यास के दौरान लक्ष्य के रूप में किया जाता है।
4. आधुनिक रक्षा तकनीक (Advanced Defense Tech)
- काली-5000 (KALI 5000): यह एक शक्तिशाली बीम अस्त्र है। यह माइक्रोवेव तरंगों के जरिए दुश्मन के विमानों या मिसाइलों के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और कंप्यूटर चिप्स को पूरी तरह नष्ट कर सकता है।
- पिनाका (Pinaka): यह एक मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर है। यह मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दाग सकता है, जो 39 किमी तक तबाही मचा सकते हैं।
- ध्रुव (ALH Dhruv): यह एक एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर है जिसे DRDO और HAL ने मिलकर बनाया है।
1. Indians Misiles in Details -होश उदा देने वाले Missiles जिसे जमकर हर कोई हैरान हो सकता है
1. Prithvi missile kya hai ?
:- भारत की पृथ्वी (Prithvi) मिसाइल देश के रक्षा इतिहास में एक मील का पत्थर है। यह भारत की पहली स्वदेश निर्मित बैलिस्टिक मिसाइल है। यहाँ पृथ्वी मिसाइल के बारे में मुख्य बिंदु दिए गए हैं .
1. पृथ्वी मिसाइल के प्रमुख संस्करण (Variants uses)
पृथ्वी मिसाइल को सेना के अलग-अलग अंगों की जरूरतों के हिसाब से तीन श्रेणियों में बांटा गया है.
- पृथ्वी-I (SS-150): Uses भारतीय थल सेना।मारक क्षमता: 150 किलोमीटर।पेलोड क्षमता: 1000 किलोग्राम।
- पृथ्वी-II (SS-250): Uses भारतीय वायु सेना।मारक क्षमता: 250 से 350 किलोमीटर।विशेषता: यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और बहुत ही सटीक निशाना लगाती है।
- पृथ्वी-III (SS-350) :Uses भारतीय नौसेना।मारक क्षमता: 350 किलोमीटर।नोट: इसे 'धनुष' मिसाइल के नाम से भी जाना जाता है।
3.Prithvi missile महत्वपूर्ण परीक्षण और क्षमताएं
4. परीक्षा की दृष्टि से उपयोगी तथ्य
भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास खुद की विकसित बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक है।
पृथ्वी मिसाइल "पैट्रियट" जैसी प्रणालियों के विपरीत एक बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र (Trajectory) का पालन करती है।
इसका उपयोग दुश्मन के सैन्य ठिकानों, एयरफील्ड और संचार केंद्रों को नष्ट करने के लिए किया जाता है।
2. त्रिशूल मिसाइल की जानकारी हिंदी में
त्रिशूल (Trishul) मिसाइल भारत की रक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। यह विशेष रूप से कम दूरी पर उड़ने वाले दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को मार गिराने के लिए डिजाइन की गई थी।
यहाँ त्रिशूल मिसाइल की विस्तृत जानकारी दी गई है .
1. मुख्य विवरण (Basic Overview)
- प्रकार (Types) : सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (Surface-to-Air Missile - SAM)।
- विकास( Devlopment ): इसका विकास DRDO द्वारा 'समेकित निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम' (IGMDP) के तहत किया गया।
- विशेषता( Feature) : यह 'लो-लेवल' (कम ऊंचाई) पर उड़ने वाले लक्ष्यों को भेदने में माहिर है।
2. Trishul मारक क्षमता और तकनीकी पक्ष
- मारक क्षमता (Range): इसकी रेंज 500 मीटर से 9 किलोमीटर तक है।
- Speed (गति) : यह मिसाइल सुपरसोनिक गति (लगभग 2 मैक) से चलती है, जिसका अर्थ है कि यह ध्वनि की गति से दोगुनी रफ़्तार से वार करती है।
- प्रणोदक (Propellant): इसमें ठोस ईंधन (Solid Fuel) का उपयोग किया जाता है, जिससे इसे कम समय में तुरंत लॉन्च किया जा सकता है।
- रिएक्शन टाइम: इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका बहुत कम 'रिएक्शन टाइम' है, जो इसे अचानक आने वाले हमलों के खिलाफ प्रभावी बनाता है।
3. महत्वपूर्ण विशेषताएं
तीनों सेनाओं के लिए: इसे भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना—तीनों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया था।
- (Trishul) समुद्र में उपयोग: नौसेना के लिए इसका उपयोग 'सी-स्किमर' (समुद्र की सतह के बहुत करीब उड़ने वाली) मिसाइलों को नष्ट करने के लिए किया गया था।
- (Trishul)गाइडेंस सिस्टम: इसमें रडार गाइडेड सिस्टम लगा होता है जो लक्ष्य का पीछा करके उसे ध्वस्त कर देता है।
4. वर्तमान स्थिति
त्रिशूल कार्यक्रम को DRDO द्वारा एक 'महत्वपूर्ण अनुसंधान परियोजना' के रूप में देखा गया। हालांकि, कुछ तकनीकी चुनौतियों और देरी के कारण भारत ने इसके बाद और अधिक उन्नत प्रणालियों जैसे 'आकाश' (Akash) और 'क्यूआर-सैम' (QRSAM) पर ध्यान केंद्रित किया।
2 .आकाश - मिसाइल की जानकारी हिंदी में
आकाश (Akash) मिसाइल भारत की सबसे सफल और भरोसेमंद 'सतह से हवा' में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों में से एक है। इसे भारत का 'सुपरसोनिक एयर डिफेंस सिस्टम' भी कहा जाता है।
यहाँ आकाश मिसाइल की मुख्य विशेषताएं और जानकारी दी गई है.
1.Akash missile मुख्य विवरण (Key Details)
- प्रकार: सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल (Surface-to-Air Missile - SAM)।
- विकास: इसका विकास DRDO द्वारा किया गया है और उत्पादन भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) द्वारा किया जाता है।
- लक्ष्य: यह लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोन्स और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है।
2. Akash मारक क्षमता और तकनीक (Range & Technology)
- मारक क्षमता (Range): यह लगभग 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती है।
- ऊंचाई: यह 18,000 मीटर (18 किमी) की ऊंचाई तक उड़ रहे दुश्मन के विमान को निशाना बना सकती है।
- गति (Speed): इसकी गति 2.5 मैक (Mach) है, यानी यह ध्वनि की गति से लगभग ढाई गुना तेजी से चलती है।
- रामजेट सिद्धांत (Ramjet Engine): आकाश पहली ऐसी भारतीय मिसाइल है जिसमें 'रामजेट' इंजन तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक इसे उड़ान के दौरान बहुत कुशल और तेज बनाती है।
3. 'राजेंद्र' रडार - आकाश की आँखें
आकाश मिसाइल प्रणाली की सबसे बड़ी ताकत इसका 'राजेंद्र' (Rajendra) रडार है।
- यह एक पैसिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (PESA) रडार है। यह एक साथ 64 लक्ष्यों पर नजर रख सकता है और उनमें से 12 लक्ष्यों पर एक साथ मिसाइल दागने की क्षमता रखता है।
4. Rajendra Radar महत्वपूर्ण विशेषताएं
- स्वदेशी तकनीक: यह लगभग 96% स्वदेशी है, जो इसे भारत की गर्व का विषय बनाता है।
- बहु-लक्ष्य प्रणाली: यह एक साथ कई दिशाओं से आ रहे दुश्मन के हमलों को नाकाम कर सकती है।
- मोबाइल लांचर: इसे ट्रकों या टैंकों (Mobile Launchers) पर तैनात किया जा सकता है, जिससे इसे युद्ध क्षेत्र में कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है।
- तुलना: इसकी तकनीकी क्षमताओं को देखते हुए इसकी तुलना अक्सर अमेरिकी 'पैट्रियट' (Patriot) मिसाइल सिस्टम से की जाती है।
5. निर्यात (Export)
आकाश मिसाइल की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब भारत इसे दूसरे देशों (जैसे आर्मेनिया) को निर्यात (Export) भी कर रहा है।
परीक्षा के लिए टिप: याद रखें, आकाश मिसाइल "परमाणु और पारंपरिक" दोनों प्रकार के हथियार ले जा सकती है, लेकिन मुख्य रूप से इसका उपयोग हवाई सुरक्षा (Air Defense) के लिए किया जाता है।
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3.अग्नि - मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- अग्नि श्रेणी में 3 तरह की मिसाइल अग्नि -1 , अग्नि -2 , अग्नि -३ ,
- अग्नि जमीन से जमीन पर मार करने वाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है।
- अग्नि -३ की मारक क्षमता 3000 किलोमीटर से 3500 किलोमीटर है.
- अग्नि -3 को पाकिस्तान की हत्फ -3 तथा इजराइल की जेरिको -2 श्रेणी में रखा जा सकता है.
- अग्नि - 3 परंपरागत तथा परमाणु दोनों प्रकार के विस्फोट को को धोने की क्षमता रखती है.
4. नाग - मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- यह टैंक रोधी निर्देशित प्रक्षेपास्त्र है. इसकी मारक क्षमता 4 किलोमीटर है.
- इसका प्रथम सफल परीक्षण नवंबर 1990 में किया गया.
- इसे दागो और भूल जाओ टैंक रोधी पक्षी फास्ट भी कहा जाता है क्योंकि इसे एक बार दागे जाने के पश्चात पुनः निर्देशित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
5.धनुष -- मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- यह जमीन से जमीन पर मार करने वाले प्रक्षेपास्त्र में से एक है.
- यह पृथ्वी प्रक्षेपास्त्र का ही एक नौसैनिक रूपांतरण है.
- जिसकी मारक क्षमता 150 किलोमीटर तथा इस पर लगभग 500 किलोग्राम आयुध प्रक्षेपित किया जा सकता है.
6.सागरिका -- मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- यह सबमेरीन लांच बैलेस्टिक मिसाइल है.
- समुद्र के भीतर से इसका पहला परीक्षण फरवरी 2008 में किया गया.
- यह परंपरागत एवं परमाणु दोनों की तरह के आयुध ले जाने में सक्षम है.
- इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के द्वारा तैयार किया गया है.
- भारत ऐसा पांचवा देश है जिसके पास पनडुब्बी से बैलेस्टिक मिसाइल दागने की क्षमता है।
- चार अन्य देश है : यू एस ए , फ्रांस, रूस , और चीन
7.अस्त्र - मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- यह मध्यम दूरी का हवा से हवा में मार करने वाला एवं स्वदेशी तकनीक से विकसित प्रक्षेपास्त्र है। इसकी की मारक क्षमता 10 से 25 किलोमीटर है. यह भारत का प्रथम हवा से हवा में मार करने वाला मिसाइल है.
8.ब्रह्मोस- मिसाइल की जानकारी हिंदी में -
- यह भारत और रूस की संयुक्त परियोजना के तहत विकसित किया जाने वाला मिसाइल है। इसका नाम ब्रह्मोस भारत की नदी ब्रह्मपुत्र के Brah तथा रूस की नदी मस्क्वा से मिलकर बना है.
- सतह से सतह पर मार करने वाला मध्यम दूरी का सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है.
- इसका प्रथम सफल परीक्षण जून 2001 में किया गया था. इसका तीसरा सफल परीक्षण मार्च 2009 में किया गया.
- यह भी दागो और भूल जाओ की पद्धति पर विकसित किया गया है. इस क्रूज़ मिसाइल को जून 2007 में भारतीय थल सेना में सम्मिलित किया गया. लगभग 290 किलोमीटर तक 200 किलोग्राम वजनी परमाणु बम जाने में सक्ष्म ब्रह्मोस ध्वनि कि लगभग 3 गुना तेज गति से चलती है.
9.प्रधुम्न - मिसाइल की जानकारी हिंदी में -
- यह प्रक्षेपात्र दुश्मन के प्रक्षेपास्त्र को हवा में बहुत ही कम दूरी पर मार गिराने में सहायक है.
- यह एक इंटरसेप्टर प्रक्षेपास्त्र है। भारत
- ने स्वदेश निर्मित एडवांस एयर डिफेंस मिसाइल का परीक्षण उड़ीसा के पूर्वी तट पर स्थित एकीकृत रेंज से 6 दिसंबर 2007 को किया।
10 .युद्ध टैंक अर्जुन - मिसाइल की जानकारी हिंदी में -
- इसका विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के द्वारा किया गया है.
- इस युद्धक टैंक की अधिकतम गति 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है.
- यह रात के अंधेरे में भी काम कर सकता है.
- इस टैंक में लगा एक विशेष प्रकार का फिल्टर जवानों को जहरीली गैसों विकिरण प्रभाव से रक्षा करता है. इस फिल्टर का निर्माण बार्क ने किया है.
- अर्जुन को विधिवत रूप से भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है
11.टी-90 S भीष्म टैंक - मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- इसका निर्माण चेन्नई के समीप आवडी टैंक कारखाने में किया गया है.
- यह 4 किलोमीटर के दायरे में प्रक्षेपास्त्र दाग सकता है।
- यह दुश्मन की प्रक्षेपास्त्र से स्वय को को बचाने की क्षमता रखता है।
- तथा जमीन में बिछाई गई बारूदी सुरंगों से भी अपनी रक्षा करने की क्षमता रखता है
12.हल्के लड़ाकू विमान तेजस- मिसाइल की जानकारी हिंदी में -
- यह स्वदेश निर्मित प्रथम हल्का लड़ाकू विमान है। इसके विकास में हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
- इस में अभी अभी जी .ई 404 अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रॉनिक का इंजन लगा है.
- जिसे भविष्य में स्वदेश निर्मित कावेरी इंजन लगाकर हटाया जाएगा।
- विश्व में सबसे कम वजन वाले बहुयामी सुपरसोनिक लड़ाकू विमान 600 किलोमीटर प्रति घंटे से उड़ान भर्ती है। और हवा में हवा से धरती पर तथा हवा से समुद्र में मां सकने में सक्षम है.
13.पायलट रहित प्रशिक्षण विमान- निशांत-- मिसाइल की जानकारी हिंदी में -
- यह स्वदेशी तकनीक से निर्मित पायलट प्रशिक्षण विमान है।
- इसे जमीन से 160 किलोमीटर के दायरे में नियंत्रित किया जा सकता है.
- इस विमान का मुख्य उद्देश युद्ध क्षेत्र में पर्यवेक्षण एवं लेने की भूमिकाओं का निर्वाह करना है.
14.पायलट रहित विमान लक्ष्य- मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- इसका विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के द्वारा किया गया है.
- इसका उपयोग जमीन से वायु तथा वायु से वायु में मार करने वाले प्रक्षेपास्त्र में तथा तोपों से निशाना लगाने के लिए प्रशिक्षण देने हेतु एक लक्ष्य के रूप में प्रयोग किया जाता है।
- जेट इंजन से चलता है तथा 10 बार प्रयोग में लाया जा सकता है.
- 100 किलोमीटर के दायरे में इसे रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता है.
- इसका प्रयोग तीनों सेनाओं द्वारा किया जा रहा है
15.एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव-- मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- इसे डी.आर.डी.ओ द्वारा विकसित किया गया है.
- अधिकतम 245 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरने वाला हेलीकॉप्टर 4 घंटे तक आकाश में रहकर 800 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है.
- दो इंजन वाला हेलीकॉप्टर है जिसमें 2 चालकों सहित 14 व्यक्तियों को ले जाया जा सकता है।
16.आई-L 78 - मिसाइल की जानकारी हिंदी में -
- यह आसमान में उड़ान के दौरान ही लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने वाला प्रथम विमान है . जिसे भारत ने मार्च 2003 में उज्बेकिस्तान से प्राप्त किया है.
- इस विमान में 35 टन वैमानिकी ईंधन के भंडारण की सुविधा है.
- आगरा के वायु सैनिक अड्डे पर इन विमानों को रखने की विशेष व्यवस्था है.
17.काली-- 5000 - मिसाइल की जानकारी हिंदी में
- का विकास बार्क के द्वारा किया गया जा रहा है।
- यह शक्तिशाली बीम अस्त्र है जिसमें कई गीगाबाइट शक्ति की माइक्रोवेव तरंगे उत्सर्जित उत्सर्जित होंगी जो शत्रु के विमान में प्रक्षेपास्त्र ऊपर लक्षित करने पर उनकी इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों और कंप्यूटर चिप्स को समाप्त करके उन्हें ध्वस्त करने में सक्षम होगी।
18 पिनाका -- मिसाइल की जानकारी हिंदी में -
यह मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर है।- स्वदेशी तकनीक से डी.आर.डी.ओ द्वारा विकसित इस रॉकेटप्रक्षेपक को ए-आर-डी-ई पुणे में निर्मित किया गया है इसका नाम भगवान शंकर के धनुष पिनाक के नाम पर पिनाका रखा गया है।
इसके द्वारा मात्र 40 सेकेंड में ही 100-100 किलोग्राम की एक के बाद एक रॉकेट प्रक्षेपित किए जा सकते हैं जो कम से कम 7 और अधिक से अधिक 39 किलोमीटर दूर तक दुश्मन के खेमे में तबाही मचा सकते हैं.
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